फोटो4- बाढ प्रभावित गांव शंकरपुरवा में टीकाकरण करते पशु पालन विभाग के वैक्सीनेटर। स्रोत: विभाग
फोटो5- बाढ़ प्रभावित गांव जसपुरा में टीकाकरण करते पशु पालन विभाग के वैक्सीनेटर। स्रोत: विभाग
बांदा। बाढ़ के बाद मवेशी को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआत 23 जुलाई से हुई थी। मंडल में अब तक 20 फीसदी ही पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
टीकाकरण के लिए मंडल में 68 टीमें काम कर रही है। शासन के आदेश पर टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में टीकाकरण करेंगी। 45 दिन तक चलने वाले अभियान में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों बांदा, महोबा, हमीरपुर व चित्रकूट में 17,53,914 मवेशियों का टीकाकरण किया जाना है। पशुपालन विभाग का दावा है कि 20 दिन में 5,78,400 यानि की लक्ष्य के सापेक्ष 20 फीसदी पशुओं का टीकाकरण किया गया है। अभी भी 80 फीसदी पशुओं का टीकाकरण होना शेष हैं। शासन के आदेश पर विभाग ने ज्यादातर टीमों को केन, यमुना, बेतवा, मंदाकिनी की बाढ़ से प्रभावित 162 गांवों में टीकाकरण के लिए लगाया है। 20 अगस्त तक टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के टीकाकरण का काम पूरा किया जाएगा।
चार्ट....
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में एफएमडी टीकाकरण अभियान की स्थिति
जनपद कुल पशु वैक्सीन उपलब्धता टीकाकरण टीमें टीकाकरण
बांदा 679263 612000 20 219300
महोबा 276836 224800 16 104800
हमीरपुर 278387 341700 17 91700
चित्रकूट 519428 467500 25 160600
योग 17,53,919 16,46000 68 578400
इनसेट...
विषाणु जनित है यह रोग
खुरपका-मुंहपका विषाणु जनित संक्रामक रोग है। इसमें पशुओं को तेज बुखार आता है। मुंह से लार टपकती है। मुंह व पैरों में छाले पड़ जाते हैं। पशु चारा खाना बंद देते हैं। दूध का उत्पादन कम होकर शून्य तक पहुंच जाता है। पशुओं में यह बीमारी प्राय: बरसात के दिनों में संक्रमित दलदल से होती है। समय से इलाज न होने पर पशु की जान भी जा सकती है।
वर्जन-
टीमों को अभी बाढ़ प्रभावित गांवों में टीकाकरण के निर्देश दिए गए है। 20 अगस्त तक बाढ़ प्रभावित गांवों के पूरा होने के बाद अन्य गांवों में टीकाकरण किया जाएगा। -अशोक कुमार, अपर निदेशक (पशुपालन), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
केस-1
बीमारी के लक्षण देख कराया टीकाकरण
जसपुरा के बलवान सिंह ने बताया कि गाय दो दिन से बुखार आ रहा है। खाना पीना छोड़े है। खुरपका व मुंहपका के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पशु विभाग को सूचना देकर टीकाकरण कराया है।
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केस-2
मवेशियों को चलने में परेशानी, चारा भी कम खा रहे
खप्टिहा कलां के रामसेवक का कहना है मवेशियों को चलने में दिक्कत हो रही है। चारा भी कम खा रहे है। खुरपका व मुंहपका के लक्षण समझ में आ रहे है। गांव में टीकाकरण कराया गया है।
बाढ प्रभावित गांव शंकरपुरवा में टीकाकरण करते पशु पालन विभाग के वैक्सीनेटर। स्रोत:विभाग