30 दिन के अंदर न्यायालय ने धनराशि जमा करने के दिए निर्देश
अतर्रा। प्लाट खरीदने में दिया गया चेक बाउंस होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जूनियर डिवीजन अतर्रा ने आरोपी को एक वर्ष की सजा के साथ 25 लाख रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया।
कस्बे के मोहल्ला दामूगंज नरैनी रोड निवासी मंजू गुप्ता ने न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जूनियर डिवीजन अतर्रा में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसने अपना पुश्तैनी प्लाट बेचा था। चेक के माध्यम से रुपया देने की बात कहकर रजिस्ट्री कराई थी। चेक मिलने के बाद विपक्षी के खाते में पैसा न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। कई बार मांगने पर भी विपक्षी ने रुपये नहीं दिए।
इस पर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायिक मजिस्ट्रेट राखी सिंह की अदालत ने अभियुक्त सुरेश कुमार गुप्ता निवासी सुभाष नगर बांदा रोड अतर्रा को धारा 138 के अंतर्गत दंडनीय अपराध के आरोप में दोषी पाया और एक वर्ष की सजा के साथ 15 लाख रुपया और क्षतिपूर्ति की धनराशि 10 लाख रुपया, कुल 25 लाख रुपया के अर्थदंड से दंडित किया। पूरी धनराशि 30 दिन के अंदर न्यायालय में जमा करने के आदेश दिए है। पीड़ित के पैरोकारी अधिवक्ता भोला प्रसाद द्विवेदी, सहायक अधिवक्ता राजकुमार पाठक, अवनीश तिवारी रहे।