गोष्ठी में कविता पाठ करते कवि।
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बांदा। गुरु पूर्णिमा पर महर्षि वामदेव काव्यमंच ने काव्य संध्या का आयोजन किया गया। इसमें कई कवियों ने रचनाएं पढ़ीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मंच की अध्यक्षता कर रहे डॉ. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ललित ने किया। कवयित्री आशा सिन्हा व पद्मश्री उमाशंकर पांडेय को महर्षि वामदेव सम्मान से अलंकृत किया गया।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कवि अनिल द्विवेदी द्वारा रचित सरस्वती वंदना से हुआ। कवि धर्मपाल सिंह सेंगर ने सबका स्वागत है, वामदेव नगरी में, गोपाल दास गुप्त साथी ने गुरुवर तुमको नमन करुं, ब्रजेश त्रिपाठी ने एक दिन भारत विश्व में संस्कृति सभ्यता का सरताज बनेगा सुनाकर वाहवाही लूटी। राजेश त्रिपाठी रंजन ने मेरे गांव की यादें हर पल आती हैं।
चंद्रप्रकाश व्यथित ने वामदेवेश्वर शिव वंदना, अर्चना पढ़कर सभी को भावविभोर कर दिया। गीतकार योगेश कुमार ने चल बटोही, प्यार की दो बातें कर लें, कवयित्री छाया सिंह ने सावन आया मन हर्षाया पढ़कर मौसम का सुंदर वर्णन किया। डॉ. चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ने महर्षि वामदेव की सृष्टि रचना कालिंजर पढ़कर नवोदित कवियों को सनातन संस्कृति की ओर प्रेरित किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन, दीनदयाल सोनी, प्रमोद नायक, निखिल बुंदेली, मनोहर सिंह, रज्जू त्रिपाठी भी मौजूद रहे।