बांदा।पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। जिसमें पेशेवर जमानतदारों द्वारा धोखाधड़ी करके कई अपराधियों को जमानत दिलवाने का मामला सामने आया है। दो अलग-अलग मामलों में पेशेवर जमानतदारों ने एक ही खसरा-खतौनी का बार-बार उपयोग करके अपराधियों की जमानतें ली हैं, जो कानून और न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन करती हैं।
पहला मामला शहर कोतवाली के सिविल लाइंस चौकी प्रभारी आनंद कुमार साहू द्वारा दर्ज किया गया। जिसमें जमानतदार शिवस्वरूप सिंह निवासी इंद्रा नगर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। शिवस्वरूप एक ही खसरा-खतौनी का इस्तेमाल करके चार अलग-अलग अपराधियों की जमानत लेने का आरोप है। इनमें सूरज सिंह, सलीम खान, लवकुश और इब्राहिम जैसे अभियुक्त शामिल हैं, जो विभिन्न अपराधों में लिप्त थे। वहीं शहर कोतवाली की चौकी विश्वविद्यालय के प्रभारी राजेश कुमार मौर्य द्वारा दर्ज कराए गए दूसरे मामले में जमानतदार मवई बुजुर्ग निवासी कुलदीप सिंह का नाम सामने आया है।
कुलदीप सिंह ने भी एक ही खतौनी का उपयोग करके तीन अलग-अलग अपराधियों की जमानत ली। अभियुक्तों में जीतू, दीनदयाल और सलीम खान जैसे लोग शामिल हैं, जो विभिन्न गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं न्यायिक प्रक्रिया में धोखाधड़ी की ओर इशारा करती हैं। इन पेशेवर जमानतदारों का आपराधिक इतिहास हो सकता है और इनके द्वारा ली गई जमानतों में गंभीर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। अब पुलिस और प्रशासन इन मामलों की जांच में तेजी लाने की योजना बना रहे हैं ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
यह मामला हमारे लिए बेहद गंभीर है, जहां पेशेवर जमानतदारों द्वारा धोखाधड़ी करके अपराधियों को जमानत दिलवाने की घटनाएं सामने आई हैं। हम इसकी पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जमानत की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक