बांदा। जिले के 58 निरक्षर महिला-पुरुष ग्राम प्रधानों को जिला स्तरीय अफसर साक्षर बनाएंगे। निरक्षरों में 53 महिला और पांच पुरुष प्रधान हैं। हरेक को एक-एक अधिकारी ने गोद लिया है। मिशन शक्ति अभियान के तहत इसकी शुरुआत शनिवार को मेडिकल कालेज में डीएम अनुराग पटेल ने की।
साक्षर प्रधान गांव की शान थीम पर निरक्षर प्रधानों की कार्यशाला में डीएम ने कहा कि अधिकारी इन निरक्षरों को साक्षर करेंगे। साथ ही अध्यापक के रूप में ग्राम पंचायत की अध्यापक, शिक्षामित्र, आंगनबाड़ी, प्रधान के सगे संबंधी इन्हें पढ़ाएंगे। ग्राम विकास अधिकारी और ब्लाक स्तर पर बीडीओ तथा क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी इसका सुपरविजन करेंगे।
बीएसए रामपाल सिंह और डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय व्यवस्थापक/सपोर्टर की भूमिका अदा करेंगे। नियुक्त अधिकारी माह में कम से कम दो बार अपने गोद लिए गांव और स्कूल जाकर पठन-पाठन की जानकारी लेंगे। अपनी रिपोर्ट बीएसए और डीपीआरओ को देंगे। 60 दिन में प्रधानों को साक्षर करने के बाद उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
डीएम ने कई निरक्षर प्रधानों को साक्षर किट के बैग सौंपे। इसमें कक्षा-एक पुस्तक और स्लेट रखी गई है। डीएम ने वीरांगना रानी झांसी और रानी दुर्गावती का जिक्र करते हुए महिलाओं को आत्म निर्भर और बहादुर बनने की प्रेरणा दी। सपना यादव, शांति देवी, सुप्यारी, शैलदा खातून, गीता देवी, रामबाई, लीलावती आदि निरक्षर प्रधानों को यह साक्षर किट सौंपी गई।
सीडीओ वीपी मौर्य ने कहा कि डीएम की पहल और सोंच पर यह अभियान शुरू किया गया है। कार्यशाला में पंचायती राज, बेसिक शिक्षा, बाल विकास और पुष्टाहार का सहयोग रहा। डिप्टी कलेक्टर सौरभ यादव, डीडीओ रवि किशोर त्रिवेदी सहित जिला स्तरीय अधिकारी, बीडीओ आदि उपस्थित रहे। नटराज संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।