विधानसभा चुनाव में चारों विधानसभा क्षेत्रों में 1683 पीठासीन अधिकारी और 1688 प्रथम मतदान अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन्हें 4 व 5 फरवरी को पंडित जेएन डिग्री कॉलेज में प्रशिक्षण दिया जाएगा। चुनाव में महिला और निशक्त कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। साथ ही चुनाव ड्यूटी कटवाना आसान नहीं होगा। गंभीर बीमारी के आवेदनों पर तभी विचार किया जाएगा जब वह मेडिकल परीक्षण में पास हो जाएंगे।
निर्वाचन विभाग इस बार मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण हॉल के बजाए अलग-अलग कमरों में देगा। जेएन डिग्री कॉलेज में 17 कमरों में 50-50 पीठासीन व मतदान अधिकारी शामिल होंगे। हरेक कक्ष में प्रशिक्षण के लिए 3-3 ईवीएम मशीनें और एक-एक वीवी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशिक्षण 4 फरवरी से शुरू होगा। इस दिन पहली पाली में सुबह 9 से 12 बजे तक कोड संख्या 1 से 850 तक के पीठासीन अधिकारी व प्रथम मतदान अधिकारी प्रशिक्षण लेंगे।
दूसरी पाली में दोपहर 1 से 4 बजे तक कोड संख्या 851 से लेकर 1700 तक के कर्मचारी प्रशिक्षण लेंगे। पांच फरवरी को प्रथम पाली में कोड संख्या 1701 से 2550 तक और दूसरी पाली में 2551 से अंत तक के मतदान कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल होंगे। पीठासीन व प्रथम मतदान अधिकारी इस चुनाव में पहली बार वीवी पैड का प्रशिक्षण लेंगे। इस बार के चुनाव में सदर विधानसभा चुनाव में वीवी पैड का इस्तेमाल होगा। वोटर इसके जरिए देख सकेंगे कि उनका मत कहां पड़ा है।
प्रत्येक कक्ष में 3-3 सेक्टर और एक-एक जोनल मजिस्ट्रेट तथा 3-3 मास्टर ट्रेनर कार्मिकों को ईवीएम व वीवी पैड का प्रशिक्षिण देंगे। कार्मिक प्रभारी आरडी यादव ने बताया कि बीमारी के चलते आवेदन करने वाले संबंधित कर्मचारी को आवेदन के साथ मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। गठित पैनल उसकी जांच करेगा। तब उसकी रिपोर्ट के आधार पर जिला निर्वाचन अधिकारी चुनाव ड्यूटी से उसे हटाएंगे। फिलहाल अभी तक डेढ़ सैकड़ा से ज्यादा कर्मियों ने बीमारी का आवेदन देकर ड्यूटी से अलग रखने का अनुरोध किया है।