बांदा। परिषदीय स्कूलों में अब गुरुजनों की ही नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की भी डिजिलट उपस्थिति दर्ज होगी। इससे शिक्षकों की लेटलतीफी व फर्जी उपस्थिति की समस्या खत्म होगी। बच्चों की भी फर्जी उपस्थिति नहीं दर्ज की जा सकेगी। मंडल के चारों जिलों को 7440 टैबलेट भेजे गए हैं। एक विद्यालय में दो-दो टैबलेट की व्यवस्था की गई है। अब बच्चों के लिए शिक्षा विभाग में चल रहीं विभिन्न योजनाओं के लाभ में भी पारदर्शिता आएगी।
चित्रकूटधाम मंडल में 4796 प्राथमिक औरउच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें पांच लाख 30 हजार 269 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन से इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में से 70 फीसदी उपस्थिति मानकर एमडीएम से लेकर पाठ्य पुस्तकों, ड्रेस-मोजा-जूता, बैग तक सारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है। प्रधानाध्यापक व शिक्षक मोटा वेतन पाने के बाद भी योजनाओं में फर्जीवाड़ा करते हैं।
अब बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से योजनाओं में पारदर्शिता लाने और शिक्षक व बच्चों की फर्जी उपस्थिति रोकने के लिए कमर कसी है। मंडल के चारों जिलों में अब शिक्षकों ही नहीं, बल्कि बच्चों की भी डिजिटल हाजिरी दर्ज होगी। शासन ने अभी पहले चरण में 7440 टैबलेट भेजे हैं। बांदा के 1341 विद्यालयों में 2578, चित्रकूट के 960 विद्यालयों में 1874, हमीरपुर के 734 विद्यालयों में 1320 व महोबा के 565 विद्यालयों में 1168 टैबलेट भेजे जा चुके हैं। 10 जुलाई से यहां बच्चों व शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन होगी।
टैबलेट से सेल्फी लेकर दर्ज होगी उपस्थिति
परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों व बच्चों की हाजिरी अब टैबलेट से सेल्फी के माध्यम से होगी। भेजे गए टैबलेट को साॅफ्टवेयर से अपडेट किया गया है। प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से हाजिरी लगेगी। एमडीएम समेत अन्य योजनाओं की जानकारी टैबलेट के माध्यम से ऑनलाइन अपडेट होगी। यू-डायस से भी टैबलेट अटैच होगा। इससे टैबलेट को किसी दूसरे स्थान से प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई शिक्षक बाहर रहकर सेल्फी अपलोड करेगा तो पोर्टल उसे निरस्त कर देगा। एक टैबलेट प्रधानाध्यापक और एक वरिष्ठ शिक्षक के पास रहेगा।
मंडल के चारों विद्यालयों में टैबलेट भेजे जा चुके हैं। अब इनसे ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था जल्द शुरू होगी। इससे परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार आएगा। -अरुण कुमार शुक्ला, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।