बांदा। बेसमेंट और बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की सख्ती फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। कारण यह है कि जिन संस्थानों को नोटिस जारी कर भवन मानचित्र, फायर एनओसी, पार्किंग, निकासी मार्ग और अन्य अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया था, उनमें से कई ने निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया।
लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 14 बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद से प्रदेश सरकार ने कोचिंग सेंटरों, बेसमेंट में बिना एनओसी चल रहीं गतिविधियों को रोकने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बांदा प्रशासन ने भी शहर के कई कोचिंग संस्थानों का सर्वे कराया और मानकों की जांच शुरू की थी।
जांच के बाद 10 संस्थानों को डीआईओएस की तरफ से 20 जुलाई को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब देने और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसमें उन्हें सात दिन का समय दिया गया था। अब 10 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी ने जवाब नहीं दिया है। एक बार पुन: नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड हटाकर चलाई जा रही हैं कोचिंग
स्वराजनगर में कई कोचिंग सेंटर चोरी छिपने के चलाए जा रहे हैं। यह सभी बिना एनओसी के हैं। जब प्रशासन ने सख्ती की तो संचालकों ने अपने बोर्ड उतार दिए हैं। कोचिंग पढ़ने वाले छात्रों को भी समझाया जा रहा है कि वह कोचिंग कहां से पढ़कर आएं, यह किसी को जानकारी न दें।
जनप्रतिनिधियों की शरण में कई संचालक
प्रशासन ने बड़ी संख्या में बिना मानचित्र चल रहे भवनों को सील कर दिया है। इसके बाद से वहां के संचालक जनप्रतिनिधियों की शरण में हैं। उनके माध्यम से अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
जिन कोचिंग संचालकों को नोटिस दिया गया था। उनके अभी जवाब नहीं आए हैं। एक बार फिर से उन्हें नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।
-दिनेश कुमार, डीआईओएस