रिमझिम बारिश का सिलसिला शुक्रवार को दूसरे दिन भी नहीं थमा। बूंदाबांदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। खेतों के लिए यह बारिश अमृत मानी जा रही है। अलबत्ता गरीबों की रोजी-रोटी में अड़चने आ रही हैं।
पखवारे भर जबर्रदस्त कोहरा और ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। 31 दिसंबर की रात से बूंदाबादी शुरू हुई तो थमने का नाम नहीं ले रही है। तीन दिन से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ठंड व बारिश से परेशान लोग अब मौसम खुलने की दुआ कर रहे हैं। बदली ने तापमान में जरूर सुधार किया। गलन में मामूली कमी आई है।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान 5 डिग्री सेल्यिस बढ़कर 17 और न्यूनतम भी 5 डिग्री बढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 24 घंटे के दौरान 6.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। नए साल में अब तक करीब 14 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। किसान इस बारिश को फसलों के लिए अमृत मान रहे हैं।
चार दिन पूर्व तक भीषण कोहरा और 4 डिग्री पारा उतरा तों फसलों में पाला का संकट मडरा रहा था। लेकिन बारिश से दलहनी फसलों को संजीवनी मिल गई है। वहीं गेहूं की फसल भी इस बारिश में लहलहा उठी।
उधर, नगरीय क्षेत्रों में रिमझिम बारिश ने गरीबों को परेशान कर दिया है। छिटपुट धंधा करने वालों की रोजी-रोटी पर बन आई है। उनका खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। कई दिनों से धूप न निकलने की वजह से गीले कपड़े नहीं सूख पा रहे हैं। सड़कें, गलियां व आंगन कीचड़ से सराबोर हैं।