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Banda News: बिना नक्शा पास कराए अब नहीं बन सकेगा कोई भवन

Fri, 07 Aug 2026 11:10 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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जयंत श्रीवास्तव
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चित्रकूट। भगवान श्रीराम के 14 साल के वनवास की साक्षी रही पवित्र नगरी अब एक नए युग में प्रवेश करने के लिए तैयार है। जिला प्रशासन ने चित्रकूट धाम महायोजना 2031 को अंतिम रूप देकर शासन को भेज दिया है।
यह अगले 15 वर्षों तक चित्रकूट के भविष्य का खाका है। महायोजना में कहा गया है कि अब बिना नक्शा पास कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा। नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन नक्शा स्वीकृति पोर्टल शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के 14 महत्वपूर्ण नगरों में सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। इसी शृंखला में चित्रकूट को भी शामिल किया गया है। यह महत्वाकांक्षी महायोजना चित्रकूट के समग्र विकास को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इसमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, पर्यटन-धार्मिक और हरित पट्टियों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लागू होने से इस प्राचीन नगरी की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। महायोजना में पूरे नगर को आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, हरित पट्टी और पर्यटन जोन में बांटा गया है। (संवाद)


धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर
मंदाकिनी नदी के सभी प्रमुख घाटों का सुंदरीकरण होगा। कामदगिरि पांच कोसी परिक्रमा मार्ग को 4-लेन किया जाएगा और रास्ते पर यात्री सुविधाएं, शौचालय, पेयजल और प्रकाश की व्यवस्था होगी।

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रामवन पथ गमन योजना

केंद्र और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में चित्रकूट को प्रमुखता मिली है। यहां 117 करोड़ रुपये की लागत से 34.30 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। इससे अयोध्या-चित्रकूट-काशी पर्यटन सर्किट मजबूत होगी।
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कनेक्टिविटी और रोजगार
प्रस्तावित चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन से यहां मेगा फूड पार्क, लॉजिस्टिक पार्क और आईटी हब बनेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।


भीड़ प्रबंधन और सुविधाएं

सोमवती अमावस्या जैसी भीड़ वाले दिनों के लिए माइक्रो प्लान तैयार होगा। श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ वेलनेस सेंटर, विश्राम स्थल और सीएसआर फंड से सामुदायिक रसोई बनाने का भी प्रावधान है।
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वर्जन
महायोजना का मकसद चित्रकूट को अव्यवस्थित विकास से बचाते हुए एक आदर्श तीर्थ नगरी बनाना है। महायोजना में सभी आपत्तियों का निस्तारण कर स्वीकृत के लिए शासन को भेजा गया है। अब शासन से मंजूरी का इंतजार है।-पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।

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बिना पार्किंग पास नहीं किया जाएगा किसी भवन का नक्शा
चित्रकूट। बिना पार्किंग के अब न तो आवासीय और न ही व्यावसायिक भवन किसी का भी नक्शा पास नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था महज इसलिए की गई है, ताकि लगातार बढ़ती आबादी में यातायात व्यवस्था बिगड़ने न पाए।
चित्रकूट विकास प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने विकास प्राधिकरण सचिव, सहायक अभियंता व अवर अभियंताओं तथा सभी अधिकृत मानचित्रकार संग बिंदुवार समीक्षा कर प्रगति ली। बाद में उन्होंने कहा कि मानचित्र स्वीकृति के समय सभी तकनीकी मानकों का पालन किया जाए।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यावसायिक और बहुमंजिला आवासीय भवनों में पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य की जाए। बिना उचित पार्किंग के कोई भी नक्शा पास न किया जाए। मास्टर प्लान के नियमों और भू उपयोग का पालन किया जाए।
भवन निर्माण में दूरी, सड़क चौड़ीकरण और एफएआर के मानकों का भी कड़ाई से पालन हो। भवन सुरक्षा में फायर सेफ्टी और भूकंपरोधी तकनीकों का मानचित्र में स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता को अपने मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान का नक्शा पास कराने के लिए अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
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फाइलों का निस्तारण समय सीमा में होना चाहिए। बिना किसी ठोस तकनीकी कारण के फाइलों को लंबित न रखा जाए। कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली का उपयोग किया जाए।
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