बांदा। तहसील पैलानी क्षेत्र के साड़ी-77 खदान संचालकों द्वारा एनजीटी नियमों की अनदेखी कर खनन किए जाने की शिकायत पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने मौके पर जाकर जांच की। टीम अपनी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को एनजीटी को सौंपेंगी।
याचिकाकर्ता ऊषा निषाद, आशीष सागर दीक्षित व अन्य किसानों ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में शिकायत दर्ज कराई थी कि बांदा की साड़ी-77 खदान में एनजीटी के मानकों और नियमों की अनदेखी की जा रही है। इस पर एनजीटी की ओर से एडीएम समेत चार सदस्यीय टीम जिसमें तीन सदस्य पर्यावरण विभाग के शामिल थे। सभी को साड़ी-77 खदान की जांच के लिए भेजा था। चार सदस्यीय टीम ने खनिज अधिकारी राज रंजन व खान इंस्पेक्टर गौरव गुप्ता के साथ मौके पर जांच की। टीम अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को एनजीटी को भेजेगी।
उधर, जांच के दौरान याचिकाकर्ता ऊषा निषाद ने आरोप लगाया कि उन्हें जांच टीम से बात नहीं करने दी गई। नदी में बनाया गया अवैध पुल जेसीबी से तोड़ा गया है। एक दिन पूर्व ही खदान संचालक को सूचना देकर पोकलैंड व जेसीबी मशीनों से अवैध खनन के गड्ढों को मिट्टी से समतल किए जाने का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता आशीष सागर ने कहा कि उन्हें एनजीटी जांच टीम के बांदा आने की जानकारी भी नहीं दी गई थी।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि खनिज न्यास फाउंडेशन और शासन की मंशा के अनुरूप वन विभाग और खनिज विभाग ने प्रति एकड़ 200 छायादार पौधरोपण तक नहीं कराया है। डीएफओ ने सूचना अधिकार में जवाब दिया कि खान निरीक्षक को चार बार पत्र लिखा गया लेकिन खान अधिकारी राज रंजन ने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, जांच टीम के लौटते ही वहां पर फिर अवैध खनन शुरू होने की बात कही है। साथ ही जांच टीम पहुंचने के एक दिन पूर्व खदान संचालकों द्वारा पौधारोपण किए जाने की बात कही है।
वर्जन
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याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर एनजीटी ने टीम गठित कर साड़ी-77 खदान में जांच की है। जांच टीम शुक्रवार तक एनजीटी को अपनी रिपोर्ट भेजेगी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राज रंजन
जिला खनिज अधिकारी, बांदा