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Banda News: रक्त बदलकर नवजात का बचाया जीवन

Fri, 26 Sep 2025 01:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा

सार

बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक नवजात शिशु की जान दुर्लभ रक्त विनिमय प्रक्रिया से बचाई गई। गंभीर पीलिया के कारण फोटोथेरेपी असफल रही थी, जिसके बाद टीम ने सफलतापूर्वक एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन किया।
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फोटो- 12 रक्त विनिमय से नवजात का जीवन बचाते मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर। स्रोत- मेडिकल कॉलेज।
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विस्तार
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बांदा। सर्जरी के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने के साथ ही रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक नवजात शिशु का जीवन रक्त विनिमय या खून बदलकर (एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन) से बचाया गया।
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रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता अग्रहरि ने बताया कि रनिया नाम की महिला अपने चार दिन के नवजात शिशु को लेकर मेडिकल कॉलेज आई थी। शिशु गंभीर पीलिया से ग्रसित था। जांच में पाया गया कि शिशु का रक्त समूह एबी पॉजिटिव व मां का रक्त समूह ए नेगेटिव है।
यह मामला एच इनकम्पेटिबिलिटी यानी मां व नवजात का रक्त समूह एक नहीं था। इसमें रक्त विनिमय ही जीवन रक्षक उपाय था। डॉ. अनीता ने बताया कि ऐसे मामलों में फोटोथेरेपी मशीन से पीलिया नियंत्रित किया जाता है। फोटोथेरेपी से भी सुधार नहीं हुआ था। यदि समय पर इलाज न किया जाता तो शिशु को कर्निक्टेरस नामक गंभीर रोग हो सकता था।
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बच्चा जीवन भर के लिए मानसिक रूप से विकलांग हो सकता था। अथवा उसकी जान भी जा सकती थी। उपयुक्त रक्त समूह ए नेगेटिव या ओ नेगेटिव मिलना चुनौतीपूर्ण रहा। बाद में ओ नेगेटिव रक्त उपलब्ध कराया गया। शिशु पर सफलतापूर्वक डबल वॉल्यूम एक्सचेंज ट्रांसफ़्यूजन किया गया।
उनके इस कार्य में सीनियर रेजिडेंट डॉ. राकेश कुमार, जूनियर रेजिडेंट डॉ. देवेंद्र, डॉ. वेरोनिका, डॉ. विश्वजीत, डॉ. हरेंद्र, डॉ. संजीव एवं डॉ. फरहान शामिल रहे। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कौशल ने बताया कि यह सफलता रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा की चिकित्सा टीम की तत्परता, विशेषज्ञता और टीम वर्क का उदाहरण है।
क्या है रक्त विनिमय प्रक्रिया
रक्त विनिमय (एक्सचेंज ट्रांसफ्यूजन) एक जीवन रक्षक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति के रक्त को धीरे-धीरे निकालकर उसके स्थान पर डोनर का ताजा रक्त या प्लाज्मा डाला जाता है। यह गंभीर रक्त असामान्यताओं, जैसे एनीमिया, नवजात शिशु में गंभीर पीलिया, या कुछ प्रकार की असमान्यतों के कारण होने वाली समस्याओं का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में कैथेटर का उपयोग होता है और यह जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली रक्त असामान्यताओं का मुकाबला करने में मदद करती है।
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