फोटो- 06 नवगठित समिति में बिक्री के लिए रखी खाद। संवाद
बांदा। किसानों को गांवों में ही खाद-बीज और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकार से समृद्धि की ओर योजना के तहत जिले में बेंदा के बाद एक और सहकारी समिति बी-पैक्स पिंडारन का गठन किया गया है। इस नई समिति का उद्घाटन उर्वरक की बिक्री के साथ ही संपन्न हुआ, जिससे जिले में अब कुल सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है।
यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। नवगठित पिंडारन बी-पैक्स समिति किसानों को उर्वरक, बीज, ऋण जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं से भी सुसज्जित होगी।
सहकार से समृद्धि की ओर योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से पारदर्शी एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराकर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। पिंडारन में बी-पैक्स की स्थापना से किसानों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक संसाधन प्राप्त होंगे, जिससे उन्हें खाद-बीज आदि के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल ने बताया कि जिले में एक दर्जन नई सहकारी समितियों के गठन की योजना बनाई गई है। बेंदा और पिंडारन के बाद जल्द ही और भी नई समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों को उर्वरक, बीज, ऋण और डिजिटल सेवाओं से सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।