बांदा। जिले में जमीनों की नई सर्किल दरें लागू हो गईं। सर्किल दरों में 15 से 20 फीसदी तक इजाफा हुआ है। शनिवार को बढ़ी दरों पर बैनामे हुए। सर्किल दरें बढ़ने से सबसे अधिक फायदा किसानों को होगा।
हालांकि जिले के मुख्य मार्गों पर जमीन लेकर मकान बनाना महंगा हो गया है। इससे बैनामा कराने वाले लोगों को झटका लगा है। विभाग का कहना है कि सर्किल दरें दो साल बाद बढ़ी हैं। सर्किल दरों की बढ़ोत्तरी में आम लोगों का पूरा ध्यान रखा गया है।
शासन के आदेश पर इस वर्ष सर्किल दरों में 20 फीसदी तक का इजाफा किया गया है। नई सर्किल दरों से बढ़ने से किसानों को फायदा होगा। किसानों को अब जमीन का सही मूल्य मिलेगा। राष्ट्रीय व राजमार्ग व बाईपास और शहर की जमीनों की सर्किल दरों में महंगी होने से अब लोगों को जमीन खरीदकर मकान बनाना कठिन होगा।
राष्ट्रीय मार्ग से सटी सड़क किनारे की कोई भी जमीन 18 हजार वर्ग मीटर से कम नहीं है। शहर के प्रमुख मार्ग डिग्री चौराहे से छोटी बाजार, स्टेशन से अतर्रा चुंगी चौकी, जिला परिषद, कालूकुआं, तिंदवारी रोड, नरैनी रोड, अतर्रा रोड आदि जमीनों में सर्किल दरें 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की गई है।
अधिवक्ता अभिसार दीक्षित का कहना है कि सर्किल दरों में बढ़ोत्तरी के बाद जमीनें और ज्यादा महंगी हो जाएगी। शहर में गरीब और मध्यम वर्ग के लिए जमीन खरीदकर मकान बनवाना सपना बनकर रह जाएगा।
उधर, अधिवक्ता गोपाल नारायण का कहना है कि कृषि भूमि की सर्किल दरें बढ़ने से किसानों को खासा लाभ होगा। उन्हें जमीन के सही दाम मिल सकेंगे।