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Banda News: बेटी का घोंट दिया था गला, मां को उम्रकैद

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बांदा। बेटी की गला घोंटकर हत्या करने और शव खेत में दफनाने की दोषी मां को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शव गायब करने की धारा में 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। हत्या की दोषी मां घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध है। सजा सुनाए जाने के बाद उसे सजायावी वारंट बनाकर दोबारा जेल भेज दिया गया।
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गिरवां थाना क्षेत्र के खुरहंड गांव निवासी भवानी प्रसाद सिंह ने चार मई 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उसके चाचा राममूरत सिंह का पूरा परिवार गांव में रहता है। चाचा नोएडा में रहकर नौकरी करते हैं। घर में चाची सरोज सिंह, बड़ी बेटी शिंपी, पुत्र रुद्र प्रताप सिंह और चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहती थी। चाची की लड़की शिंपी 30 अप्रैल 2020 को लापता हो गई। सरोज बेटी शिंपी के चरित्र पर शक करती थी और उसे प्रताड़ित करती थी। शिंपी के गुम होने से दो दिन पूर्व मां सरोज ने उसको पीटा था।
भवानी प्रसाद ने शक जाहिर किया कि शिंपी की मां ने उसकी हत्या कर शव गायब कर दिया है। काफी तलाश के बाद शिंपी का कहीं पता नहीं चला। पुलिस की तहकीकात में शिंपी की गला घोंटकर हत्या कर शव खेत में दफनाए जाने का मामला उजागर हुआ। सरोज की मांग की निशानदेही पर प्रभारी निरीक्षक शशि कुमार पांडेय, चौकी प्रभारी खुरहंड अभिषेक, उप निरीक्षक रावेंद्र सिंह, हमराहियों के साथ छोटू पुत्र भिखुवा के खेत में पहुंचे और खुदाई कराकर शव बाहर निकलवाया।
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बेटी के शव की शिनाख्त मां सरोज ने की। शव बरामदगी के बाद ही हत्यारोपी सरोज को जेल भेज दिया गया था। 31 जुलाई 2020 को विवेचक ने मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 29 जनवरी 2021 को न्यायालय में आरोप बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने बेटी की हत्या में दोषी मां सरोज सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
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