केदारनाथ त्रासदी के शिकार युवक की मां को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। पति पहले ही गवां चुकी महिला युवा बेटे की मौत के बाद से सदमे में है। वह उत्तराखंड से लेकर यहां डीएम की ड्योढ़ी तक दस्तक दे रही है।
सर्वोदय नगर निवासी 24 वर्षीय संदीप सिंह 5 जून 2013 को मां सरोज सिंह का आशीर्वाद लेकर उत्तराखंड तीर्थ यात्रा पर गया था। वहां आई त्रासदी में लापता हो गया। विधवा मां अन्य परिजनों के साथ उसकी तलाश में भटकती रही लेकिन कुछ पता नहीं चला।
देहरादून सदर थाने में 12 जुलाई 2013 को गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज हुई। उत्तराखंड सरकार ने संदीप को उत्तराखंड त्रासदी में मृत मानते हुए मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। हालांकि मृतक का नाम दर्ज करने में मामूली त्रुटि की गई। इसे यहां के डीएम के माध्यम से संशोधन के लिए पत्र भेजा गया।
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी मृतक संदीप की मां को अब तक केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत की गई सहायता/अनुग्रह राशि नहीं दी गई। त्रासदी में प्रत्येक मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख, उत्तराखंड सरकार से दो लाख, उत्तर प्रदेश सरकार से दो लाख और एसडीआरएफ से डेढ़ लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं लेकिन मृतक संदीप की मां को यह राशि आज तक नहीं मिली।
शुक्रवार (26 दिसंबर) को विधवा सरोज सिंह ने एक बार फिर यहां डीएम को अर्जी देकर फरियाद की कि उसके मृतक पुत्र की अनुग्रह राशि दिलाई जाए। डीएम ने उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजने का आश्वासन दिया है।