फोटो- 09 जिला अस्पताल के बाहर घटना के बारे में बताते महिला के परिजन। संवाद
- फोटो : सरकारी ट्रामा सेंटर में महिला स्टाफ से झगड़ता युवक। वीडियो ग्रैफ
बांदा। तीन दिनों से जिला महिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती का सामान्य प्रसव कराने के लिए परिजन नर्स के आश्वासन पर उसे घर ले गए। जहां पर नर्स ने सामान्य प्रसव तो करा दी लेकिन जच्चा और बच्चा दोनों की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद परिजन दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने शिशु को मृत घोषित कर दिया, वहीं मां की हालत खतरे से बाहर बताई।
देहात कोतवाली क्षेत्र पचनेही गांव निवासी पंकज अपनी 22 वर्षीय पत्नी किरन को प्रसव के चलते जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर हालत देखकर डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही लेकिन परिजनों ने सामान्य प्रसव कराने के लिए आशा उर्मिला से कहा। जिसके बाद आशा ने मेडिकल कालेज में तैनात नर्स मंजू को बुलाकर 20 हजार रुपये में घर पर प्रसव कराने बात कराई। इसके बाद परिजन महिला को अपने शुकुल कुआं में रहने वाले रिश्तेदार के घर ले जाकर सामान्य प्रसव कराया।
प्रसव के बाद अचानक जच्चा और बच्चा की हालत खराब हो गई। जिसके बाद दोनों को जिला महिला अस्पताल में लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने शिशु को मृत घोषित कर प्रसूता का उपचार शुरू किया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं महिला के परिजन नर्स पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। शहर कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में हैं अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।