सट्टन तिराहा और डीएवी चौराहे पर पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमा।
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बांदा। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन कूष्मांडा देवी की पूजा-अर्चना हुई। मंदिर तड़के से ही श्रद्धालुओं से गुलजार हो गए। उधर, सूरज ढलते ही जगह-जगह स्थापित किए गए प्रतिमा पंडाल जगमगा उठे। देर रात तक दर्शकों की आमदरफ्त रही। घरों में कन्या भोज का सिलसिला जा रहा। उधर, खत्रीपहाड़ के विंध्यवासिनी मंदिर भी भक्तों की भीड़ से आबाद रहा। शहर में काली देवी, महेश्वरी देवी, चौसठ जोगिनी (खाईंपार), सिंहवाहिनी (कटरा), कालका देवी (खुटला), मरही माता (नोनिया मोहाल), महामाई (मढ़िया नाका) आदि देवी मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं का जमघट शुरू हो जाता है। शाम होते ही पंडाल गुलजार हो जाते हैं। देर रात तक सड़कें दर्शनार्थियों से पटी रहती हैं। सबसे ज्यादा भीड़ महेश्वरी देवी चौराहा, कोतवाली रोड, काली देवी, डीएवी रोड, कैलाशपुरी व स्टेशन रोड में उमड़ रही हैं।
उधर, नवरात्र महोत्सव के चौथे दिन रविवार को खत्री पहाड़ में विराजमान विंध्यवासिनी देवी की पूजा के लिए हजारों की संख्या में भक्त उमड़े। उत्तर प्रदेश समेत मध्य प्रदेश, राजस्थान, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ तक से भक्त यहां पूजा-अर्चना करने पहुंचे। कन्याओं को खीर बांटकर दान-पुण्य किया। इसी तरह बबेरू की मढ़ी दाई मंदिर, बाकल की जोगिनी देवी, बेंदा (तिंदवारी) की कालका देवी, अतर्रा के गौराबाबा धाम और नरैनी के गुढ़ा कलां हनुमान मंदिर में भी भक्तों का सैलाब उमड़ा।
दावे झूठे, अव्यवस्थाओं का बोलबाला
बांदा (ब्यूरो)। अव्यवस्थाओं से दर्शनार्थियों को परेशानी हो रही है। देवी पंडालों के आसपास सुअरों का विचरण और गंदगी है। खाईंपार में कालिका देवी नवयुवक समाज पदाधिकारियों ने कहा कि पंडाल के आसपास दर्जनों सूअर मंडराते हैं। आवारा गाय व सांड़ दर्शनार्थियों को घायल करते हैं। मां काली देवी नवयुवक समाज, सट्टन चौराहा के अध्यक्ष आनंद ने बताया कि दर्शन-पूजन के समय यहां भीषण जाम लगता है। सिपाहियों की मौजूदगी में ही दर्जनों टेंपो व प्राइवेट वाहनों की यहां धमाचौकड़ी रहती है। नवचेतना बाल समाज, बलखंडी नाका अध्यक्ष चुन्नू सैनी ने बताया कि सुअरों के झुंड परेशानी बढ़ा रहे हैं। कालूकुआं में वैष्णव देवी बाल समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि शाम होते ही बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है। अंधेरे में महिलाएं घर से बाहर निकलने में कतराती हैं।