फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ से घिरे दो सौ से अधिक गांव

Sat, 20 Aug 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
झांसी-मानिकपुर रेलवे रूट पर पुल के नजदीक उफान मारती केन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांदा। जिले में बाढ़ से हालात और बदतर हो गए। बाढ़ में घिरे ग्रामीणों को बचाने के लिए सेना बुलाई गई है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक कंपनी पीएसी आगरा से आई है। उधर, बरियारपुर बांध में पानी का डिस्चार्ज और बढ़ जाने से केन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन


खतरे के निशान से सात मीटर ऊपर बह रही केन देर रात तक एक मीटर और बढ़ सकती है। हालांकि शनिवार को बांध क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। इससे बांधों के जलस्तर में कमी आने के आसार हैं। यमुना चार सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। रविवार को यह भी खतरे का निशान पार कर सकती है।
 
केन की बाढ़ से स्थिति गंभीर होने से शनिवार को जिला प्रशासन ने झांसी स्थित सेना के हेडक्वार्टर को पत्र भेजकर यहां तत्काल सेना भेजने का अनुरोध किया है। उधर, आगरा से बाढ़ प्रशिक्षित पीएसी की एक कंपनी शनिवार को आ गई।
विज्ञापन


इसे राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है। नदी किनारे स्थित गांवाें को खाली कराया जा रहा है। पीड़ितों को सरकारी स्कूलों में पहुंचाया गया है। हालांकि सर्वाधिक प्रभावित कनवारा, हलुआ डेरा, रघुवंशी डेरा, दौलतपुर, दुरेड़ी, ब्रह्माडेरा, चकचटगन आदि गांवों में मात्र एक या दो नाव ही हैं। इकलौता स्टीमर है। सदर तहसील के दौलतपुर और दुरेड़ी तथा लोहिया गांव चकचटगन, ब्रहाडेरा, छावनी डेरा आदि में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए सपा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने प्रशासन से सेना बुलवाने को कहा।

उधर, केन, यमुना और बागै नदियों की बाढ़ से जिले के दो सौ से अधिक गांव प्रभावित हैं। कुछ गांव जलमग्न हो गए हैं। केन की बाढ़ से सदर तहसील के 31 गांव, बांदा शहर के 22 मोहल्ले, नरैनी तहसील के 33 गांव और पैलानी तहसील के 38 गांव प्रभावित हैं। यमुना से सदर तहसील के दो, पैलानी तहसील के 25 और बबेरू तहसील के 11 गांव प्रभावित हैं। बागै नदी से नरैनी तहसील के 18 और बबेरू के 22 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। प्रशासन ने पूरे जिले में 44 बाढ़ चौकियां खोलने का दावा किया है। हालांकि इक्का-दुक्का को छोड़ कहीं कुछ नजर नहीं आ रहा।

शनिवार की सुबह बरियारपुर से पानी का डिस्चार्ज 5,90,000 क्यूसेक हो रहा था। दोपहर बाद कमी आने से यह घटकर 5,58,786 क्यूसेक हो गया। केन नदी सात सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही है। यह 111 मीटर के आसपास बह रही है। रविवार से कुछ कमी आएगी। सिंचाई खंड तृतीय अधिशासी अभियंता योगेश रावल और अवर अभियंता मनोज सिंह शनिवार को बरियारपुर बांध पहुंचे। अधीक्षण अभियंता भी साथ थे। बताया कि बांध क्षेत्रों में बारिश थम जाने से जलस्तर में कमी शुरू हो गई है। शनिवार को बांदा में बारिश नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें