बांदा। खनिज परिवहन शुल्क वसूली को लेकर उठे विवाद के बीच जिला पंचायत ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि संशोधित मानक उपविधि के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों से नियमों के अनुसार शुल्क वसूला जा सकता है। यह बैरियर सार्वजनिक रास्ते में लगाए जा सकते हैं, हालांकि राष्ट्रीय राज्यमार्ग में बैरियर नहीं लगाए जाएंगे।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल को भेजे पत्र में यह स्पष्टीकरण दिया है। यह पत्र महोबा निवासी पांडेय ग्रुप प्रोपराइटर सौरभ पांडेय की ओर से की गई शिकायत के संदर्भ में जारी किया गया है। शिकायत में जिला पंचायत द्वारा जारी पत्र पर आपत्ति जताई गई थी। जिला पंचायत ने अपने जवाब में शासन द्वारा 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित संशोधित मानक उपविधि का उल्लेख करते हुए कहा है कि जिला पंचायत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की नदियों, नदी तटों, खदानों और अन्य स्थानों से निकलने वाले बालू, मौरंग, गिट्टी, पत्थर, कोयला, बजरी, मिट्टी सहित विभिन्न खनिजों को एकत्रित कर सार्वजनिक मार्ग या नदी मार्ग से व्यावसायिक उद्देश्य से अन्य जनपदों से परिवहन करने वाले वाहनों पर खनिज परिवहन शुल्क लागू होता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि उपविधि के प्रावधानों के अनुसार संबंधित ठेकेदार बिना किसी बैरियर या यातायात अवरोध उत्पन्न किए भी शुल्क वसूली की प्रक्रिया संचालित कर सकता है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अरविंद आनंद का कहना है कि शुल्क वसूली पूरी तरह संशोधित उपविधि के अनुरूप की जा रही है।