बांदा/नरैनी। वर्षाकालीन मौसम में तीन माह से बंद बालू खदानों के पहली अक्तूबर से शुरू होने से कुछ पहले ही प्रदेश की भूतत्व एवं खनिकर्म सचिव/निदेशक रोशन जैकब (आईएएस) ने बीती रात जिले की पांच खदानों पर अचानक छापे मारे। गिरवां क्षेत्र में दो वाहनों पर सवार पांच लोगों के विरुद्ध खनिज अधिकारी ने सरकारी काम में बाधा सहित कई धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पांचों को उनकी कारों समेत गिरवां थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
खनिज निदेशक ने अपनी टीम के साथ मंगलवार की रात करीब साढ़े 11 बजे मुक्तिधाम राजघाट, गिरवां, मऊ, पाड़ादेव और लहुरेटा खदानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। रात करीब साढ़े 11 से एक बजे की बीच गिरवां थाना क्षेत्र मेें निदेशक निरीक्षण कर रही थीं। इस दौरान दो कारों पर सवार कुछ लोग उनकी टीम का लगातार पीछा कर रहे थे।
निदेशक की टीम ने इन दोनों कारों को रोक लिया। सेंट्रो और आई-20 दो कारों में क्रमश: तीन और दो लोग बैठे थे। कार में बैठे लोगों के नाम दीपक कुमार पुत्र राम सिंह ठाकुर व अजीत तिवारी पुत्र लाल तिवारी (खिरसा, बिधनू, कानपुर नगर) और उमाकांत तिवारी पुत्र संगमलाल (छापर, बांदा), धर्मेंद्र सिंह पुत्र रमेश सिंह (बेंदाघाट, बांदा) तथा अंबुज सिंह पुत्र सुलखान सिंह (छापर, बांदा) बताए गए।
खनिज निदेशक की टीम ने इन सभी को दोनों वाहनों समेत गिरवां थाने में पुलिस के हवाले कर दिया। खनिज अधिकारी सुभाष सिंह ने उपरोक्त विवरण के साथ थाने में तहरीर देकर पांचों के विरुद्ध धारा 353, 342 और 186 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। डीएम आनंद कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीरता से विवेचना करके मुख्य आरोपियों को भी चिह्नित करते हुए कार्रवाई की जाए। आपराधिक इतिहास वालों पर गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर एक्ट लगाकर संपत्ति कुर्क की जाए।
छह ओवरलोड ट्रक भी पकड़े
नरैनी। खनिज निदेशक की टीम ने नरैनी क्षेत्र के मऊ गांव में बालू से ओवरलोड छह ट्रक पकड़े। इन्हें सीज कर दिया गया है। ट्रक मालिक और ड्राइवर के खिलाफ अवैध खनन सहित अन्य धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। खनिज अधिकारी ने बताया कि अवैध खनन व भंडारण में बांदा निवासी फूल मिश्रा के विरुद्ध भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
खनिज निधि से लगाए जाएं हाई रेज्यूलेशन कैमरे
बांदा। प्रदेश की भूतत्व एवं खनिकर्म सचिव/निदेशक रोशन जैकब ने डीएम को निर्देश दिए हैं कि नरैनी चौराहा, गिरवां थाना के आगे और मटौंध थाने के आगे हाई रेज्यूलेशन आईपी कैमरे खनिज न्याज निधि से लगाए जाएं। जिला मुख्यालय में कमांड सेंटर बनाकर कैमरे को इंटीग्रेट करके मानीटरिंग की जाए।
गिरवां व मटौंध में खनिज परिवहन शुल्क की आड़ में हो रही अवैध वसूली पर कार्रवाई करें। जिला पंचायत बैरियर के पास कुछ विचौलिये और दलाल भी वसूली करते देखे गए। इन्हें रोका जाए। निदेशक ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई किया जाना नहीं पाया गया।