बांदा। तमाम संकटों से जूझकर किसी तरह बांदा पहुंचे प्रवासी मजदूरों और उनके परिवार को थर्मल स्क्रीनिंग के लिए जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। उन्हें जांच कराने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। रविवार को आंधी-पानी के बीच लाइन लगाए प्रवासियों का सब्र टूट गया और हंगामा शुरू कर दिया। ट्रामा सेंटर चिकित्साधिकारी के हस्तक्षेप पर करीब डेढ़ घंटे बाद स्क्रीनिंग शुरू हो सकी।
रविवार को दोपहर करीब साढ़े 3 बजे दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद से बड़ी संख्या में परिवार के साथ आए प्रवासी मजदूर ट्रामा सेंटर में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए लाइन लगाए थे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी थे। 2 बजे से जांच शुरू होने का समय निर्धारित है, लेकिन डेढ़ घंटा बाद भी स्क्रीनिंग शुरू नहीं हुई।
आंधी-पानी के बीच जांच के इंतजार में खड़े प्रवासी मजदूरों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। पर्चा काउंटर में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों से भिड़ गए। मामला सीएमएस तक पहुंचा तो ट्रामा सेंटर के चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक प्राणायामी ने ड्यूटी में कार्यरत वार्ड ब्वाय से नाराजगी जताई और जांच के निर्देश दिए। तब प्रवासी शांत हुए और थर्मल स्क्रीनिंग शुरू हुई।
उधर, सीएमएस डॉ. सत्यनारायण मिश्र ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने काम में लापरवाही बरती तो कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी दी कि प्रवासी मजदूरों की जांच में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।