बांदा। मंडल मुख्यालय स्थित राजकीय आश्रम पद्धति
विद्यालय छात्रावास में में डेढ़ माह से ताला बंद है। ठेकेदार द्वारा भोजन न
बनाने पर अधीक्षक ने छात्रों की छुट्टी कर उन्हें घर भेज दिया है।
बोर्ड
परीक्षा सिर पर हैं। परेशान छात्रों ने सोमवार को डीएम से गुहार लगाई।
समाज कल्याण विभाग से कांशीराम कालोनी हरदौली के बगल संचालित राजकीय आश्रम
पद्धति विद्यालय में बच्चों के भोजन का ठेका लेने वाली फर्म डेढ़ माह से
गायब है।
तीन दिन पूर्व सीडीओ रामकुमार सिंह ने ठेकेदार व समाज
कल्याण विभाग अधिकारियों की मीटिंग लेकर तत्काल छात्रावास में भोजन बनवाने
के आदेश दिए थे, लेकिन इसका भी असर नहीं हुआ।
भोजन न मिलने से यहां
पंजीकृत 430 बच्चे डेढ़ माह से घरों में समय बिता रहे हैं। उनकी पढ़ाई भी
पूरी तरह चौपट है। चिकित्साधीक्षक एनपी पांडेय ने बताया कि भोजन का ठेका
हमीरपुर के रश्मि ट्रेडर्स फर्म ने लिया था।
लेकिन डेढ़ माह से
फर्म गायब है। खाना न मिलने से बच्चों को घर भेजा गया है। दो दिन पूर्व
ठेकेदार आया था और राशन रखकर चला गया। फिर नहीं आया। बच्चे जानकारी करने
आते हैं और लौट जाते हैं।
उधर, ठेकेदार की मनमानी से आजिज आश्रम
पद्धति विद्यालय के करीब आधा सैकड़ा बच्चे सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे।
डीएम ने न मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद ने ज्ञापन लिया।
दसवीं
के छात्र जितेंद्र कुमार (मरौली), सौरभ (लामा), अजय शर्मा (मवई), जितेंद्र
प्रताप सिंह (टिकरी कनवारा), उमेश कुमार (जमालपुर), सोनू शर्मा (जमालपुर) व
ब्रह्मदत्त काशीराम कालोनी ने बताया कि दो माह बाद बोर्ड परीक्षा हैं।
पढ़ाई
पूरी तरह चौपट है। ठेकेदार गायब है और जिम्मेदार भी सही जवाब नहीं दे रहे
हैं। छात्रों ने छात्रावास में शीघ्र भोजन बनवाने की मांग की।
छात्रावास
में भोजन की स्थिति माह भर से गड़बड़ है। ठेकेदारों में दो पार्टनरों के
बीच विवाद से दोनों ही पार्टनर काम छोड़ कर चले गए। डीएम के आदेश पर दूसरे
ठेकेदार की व्यवस्था की जा रही है। दो-चार दिनों में भोजन बनने लगेगा।
-केके सिंह, समाज कल्याण अधिकारी, बांदा।