बांदा। दो दिवसीय बाल महोत्सव मेें बुंदेलखंड में बढ़
रहे बच्चों के स्कूल से ड्राप आउट पर चिंता जताई। इसका प्रमुख कारण सूखे
के कारण हो रहा अंधाधुंध पलायन बताया। इस पर तत्काल गंभीर कदम उठाने की
जरूरत बताई गई।
दो दिवसीय महोत्सव अतर्रा स्थित विद्याधाम परिसर
में हुआ। इसका आयोजन विद्याधाम समिति और एक्शन एड ने संयुक्त रूप से किया।
समाजसेवी गोपाल भाई ने कहा कि सूखा शिक्षा पर भी बुरा असर डाल रहा है।
बड़ी
संख्या में मजदूर और किसान पलायन कर रहे हैं। नतीजतन उनके बच्चों की पढ़ाई
छूट रही है। स्कूलों में उनका ड्राप आउट बढ़ रहा है। उन्होंने तत्काल कोई
ठोस कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
महोत्सव का उद्घाटन करने के
बाद वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषोत्तम पांडेय ने कहा कि जब बच्चे साथ रहकर और घुल
मिलकर खेलते, बोलते हैं तो उनमें प्यार, मुहब्बत बढ़ता है।
ब्रह्मानंद
महाविद्यालय राठ के प्रवक्ता डा. बीडी प्रजापति ने कहा कि बच्चों के विकास
में अभिभावक, शिक्षक और समाज की भूमिका अहम है। बेहतर भविष्य के लिए इस
भूमिका का निर्वहन जरूरी है।
समाजसेवी जनार्दन त्रिपाठी ने कहा कि मंच पर हर जाति और वर्ग के बच्चे अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। इन्हें निखारने की जरूरत है।
महोत्सव
का संचालन कवि जवाहर लाल ‘जलज’ ने किया। नरैनी क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों
से आए 400 बच्चों और उनके अभिभावक शामिल रहे। दीवारी नृत्य, दौड़ और
मेंहदी प्रतियोगिताएं हुईं।
विजयी बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
अधिवक्ता द्वारकेश सिंह यादव मंडेला, टीचर रमाशंकर यादव, विद्याधाम समिति
के राजाभइया सिंह, कृष्ण गोपाल गौतम और कवि जगदीश प्रसाद गुप्त ने भी
संबोधित किया।
अंधेरी ट्रस्ट (भोपाल) से जोसेफ, टाटा इंस्टीट्यूट
आफ सोशल साइंस के सुरभि मलिक सहित विनोद मिश्रा, अनिल सिंह आवारा, वर्षा
गुप्ता, पुष्पलता, सीमा, शिव कुमार गर्ग, सुरेश कुमार, रवींद्र कुमार आदि
उपस्थित रहे।