बांदा। मानसिक रोग किसी भी उम्र में कभी भी हो सकता
है। जिस तरह शरीर स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम जरूरी है, उसी तरह मानसिक
विकास के लिए उचित शिक्षा भी आवश्यक है। यह जानकारी जिला अस्पताल की मानसिक
रोग विशेषज्ञ (काउंसलर) डॉ. रिजवाना हाशमी ने स्कूली बच्चों को दी।
शनिवार
को सेंट जार्ज स्कूल में आयोजित कैंप में बच्चों को मानसिक विकास से
जुड़ीं बातें बताई गईं। डॉ. हरदयाल ने बच्चों में एकाग्रता की कमी,
चिड़चिड़ापन और गुमसुम रहने को मानसिक रोग के शुरुआती लक्षण बताए।
ऐसे
बच्चों को पहचान कर उनमें बुद्धि विकास किए जाने पर जोर दिया। मानीटरिंग
आफीसर नरेंद्र मिश्रा ने कहा कि सिर में भारीपन, अत्यधिक चिंता, छुआछूत,
भूतप्रेत इत्यादि मानसिक रोगों में ही शामिल है।
उन्होंने कहा कि
इसके लिए जिला अस्पताल के नए भवन में कक्ष नंबर-13 में स्थित मानसिक रोग
विभाग में इलाज किया जाता है। कैंप में मेडिकल सोशल वर्कर नंदिनी कुरील,
कीर्ति प्रभापाल, कम्युनिटी नर्स और स्कूल के प्रधानाचार्य एल्बर्ट रस्किन
आदि शामिल रहे।