बांदा। माफिया अवैध खनन और सिंडीकेट के नाम पर हर साल
सरकार को करोड़ों रुपये का चूना तो लगा ही रहे हैं, सरकारी एजेंसियां भी
खनिज विभाग को चपत लगाने में जुटी हैं।
कार्यदायी संस्थाएं सरकारी
निर्माण कार्यों में रायल्टी टैक्स अदा नहीं कर रही हैं। इसकी जांच के लिए
शासन ने लखनऊ से तीन सदस्यीय टीम भेजी है। टीम ने विभागों के अभिलेख
खंगालने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल 40 विभाग निशाने पर हैं।
चित्रकूटधाम
मंडल में बालू और पत्थर का वैध और अवैध खनन जमकर हो रहा है। अवैध खनन से
रोजाना खनन विभाग को लाखों रुपये की रायल्टी का नुकसान हो है।
उधर,
सिंडीकेट के नाम पर भी करोड़ों रुपये सालाना वसूले जा रहे हैं। यह पैसा भी
सरकारी खजाने में नहीं जाता। सिंडीकेट के तार तो लखनऊ तक जुड़े बताए गए
हैं।
दूसरी तरफ सरकारी निर्माण कार्यों में भी रायल्टी की चोरी हो
रही है। खनिज निदेशालय ने इस पर लगाम लगाने और अब तक चोरी की गई रायल्टी की
वसूली के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
खनिज निदेशक संतोष कुमार ने
ठेकेदारों द्वारा सरकारी निर्माण कार्यों में रायल्टी चोरी पकड़ने के लिए
निदेशालय से तीन सदस्यीय दल यहां भेजा है।
जांच पड़ताल की शुरुआत
बांदा नगर पालिका से की गई है। टीम में पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में
निदेशालय के सहायक लेखाधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह और सदस्यों में रोहित
सोनकर (लेखाकार) व रामचंद्र (सहायक लेखाकार) शामिल हैं।
दल ने
शुक्रवार को यहां आकर नगर पालिका की जांच पड़ताल शुरू कर दी। फिलहाल अभिलेख
नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। टीम ने बताया कि बांदा के 40 विभागों के निर्माण
कार्यों की जांच पड़ताल की जाएगी।
जांच के दायरे में ये विभाग
बांदा।
ट...बांदा के 40 विभाग खनिज विभाग के जांच के घेरे में हैं। इनमें मेडिकल
कालेज का निर्माण करने वाले एजेंसी सीएमआर प्रोजेक्ट लिमिटेड भी शामिल है।
इस एजेंसी पर लगभग 48 लाख रुपये रायल्टी बकाया होने की बात खनिज अधिकारी ने
कही है।
सूचनाएं न देने पर ईओ का वेतन रोका
बांदा।
रायल्टी संबंधी अभिलेख और जानकारियां उपलब्ध न कराने पर डीएम सुरेश कुमार
ने बांदा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक
दिया है। साथ ही सप्ताह भर में स्पष्टीकरण तलब किया है।
नोटिस में
पूछा है कि पिछले पांच साल में कौन सा खनिज और कितनी मात्रा में लिया गया
है? इसमें कितनी रायल्टी काटी गई है। वैध परिवहन का सत्यापन किया गया है या
नहीं। कहा कि पहले भी यह सूचना मांगी गई थी, लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई।
डीएम
ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि शासनादेश और डीएम के आदेशों का उल्लंघन कर
रायल्टी चोरी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह कृत्य कर्मचारी आचरण
नियमावली के विरुद्ध है। सप्ताह भर में अपना लिखित स्पष्टीकरण और मांगी गई
सूचनाएं प्रस्तुत करें। तब तक के लिए वेतन रोका जाता है।