मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।
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बांदा। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन केंद्रीय कमेटी (इंटक) के आह्वान पर मंगलवार को मुख्य अभियंता कार्यालय में बिजलीकर्मियों ने धरना दिया। इस दौरान प्रमुख सचिव व मुख्य अभियंता को 24 सूत्री मांग पत्र भेजा। मुख्य अभियंता कार्यालय गेट पर धरना देकर नारे लगाए। 2 सितंबर को कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। प्रदेश उपाध्यक्ष रामचरन सिंह कछवाह ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। फिर भी बिजली कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। संघ के जोनल अध्यक्ष हरिभजन द्विवेदी ने कहा कि पिछले वर्ष संयुक्त संघर्ष समिति की रैली में लखनऊ में विद्युत प्रशासन ने भाड़े के गुंडों से अराजकता फैलवाई और लाठीचार्ज कराया। बेगुनाह कर्मियों को एक माह जेल में रहना पड़ा। वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद सुभान ने कहा कि जब तक निर्दोष बिजलीकर्मियों के मुकदमे वापस नहीं होंगे तब तक शांत नहीं बैठेंगे।
चित्रकूट मंडल खंडीय मंत्री शिव प्रकाश अवस्थी ने कहा कि नगर निकाय संविदाकर्मियों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह दे रहे हैं लेकिन ऊर्जा मंत्रालय में ठेकेदारी व्यवस्था चल रही है। संविदाकर्मियों का शोषण हो रहा है। अधिकारी और ठेकेदार घोटाले कर रहे हैं। वरिष्ठ शौकत अली ने कहा कि अभी भी मांगे पूरी नहीं हुईं तो 2 सितंबर को बिजली कर्मी काला फीता बांध कर कार्य बहिष्कार करेंगे। संघ नेता मोहम्मद सुभान ने मुख्य अभियंता के माध्यम से प्रमुख सचिव और मुख्य अभियंता को ज्ञापन भेजा। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष कैलाश जैन, महामंत्री कुमारी प्रीति गुप्ता, कुमारी एकता कुशवाहा, जोनल मंत्री अवधेश गुप्ता, खंड अध्यक्ष जगतपाल सिंह, आलोक शर्मा, इरफान अहमद, रियादत अली, शफीक अहमद, मोहम्मद खुर्शीद निजामी, जुबैर, अकील, रवींद्र पुष्पक, मुकेश श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा, लालमन, जय प्रकाश, अशोक, सिद्धार्थ गुप्ता, नर्वदा प्रसाद, आनंद मिश्रा, सुशील कुमार, अजय कुमार, सुनील चक्रवर्ती, चंद्रभान विश्वकर्मा, रामलाल साहू, अतीक अहमद, अजीज उल्ला आदि शामिल रहे।