बांदा। जिला पुरुष अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर मारामारी की स्थिति रहती है। पहले डाॅक्टर से इलाज के लिए फिर दवा लेने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। बिना लाइन से भी लोग पहले दवा ले लेते हैं। इसको लेकर झगड़े की नौबत आ जाती है। होमगार्ड की निगरानी के बावजूद मरीजों के बीच धक्का-मुक्की हो रही है।
जिला पुरुष अस्पताल में दवा वितरण के तीन काउंटर हैं। इनमें एक पर महिला मरीज, दूसरे पर पुरुष और तीसरे पर दिव्यांग के साथ वृद्धजन दवाएं प्राप्त करते हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। दवा के लिए लाइन में लगे मरीज दीनदयाल कनवारा और बड़ोखर निवासी अवधेश कुमार ने कहा कि दवा लेने में कम से कम एक घंटे का समय लगता है। दवा वितरण के लिए दो काउंटर और बढ़ाए जाने चाहिये। गौरतलब हो कि दवा वितरण में तीन से चार कर्मचारियों को प्रतिदिन लगाया जाता है।
इधर, सीएमएस डाॅ. एसडी त्रिपाठी का कहना है कि पिछले दिनों दवा वितरण के समय में एक घंटे का इजाफा किया गया था, जिससे सभी को दवाएं आराम से उपलब्ध हो सकें। रही बात दवा वितरण के लिए काउंटर बढ़ाने की तो स्टाफ जितना है, उतना काम कराया जा रहा है।