तिंदवारी। विवाहिता के हाथों की मेहंदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था कि हादसे में सोमवार की शाम उसके पति की मौत हो गई। बांदा से मकान का काम देखकर घर लौट रहे प्रवासी मजदूर युवक की बाइक को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एक सप्ताह पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। घर में खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के गरौंती गांव निवासी लाल सिंह उर्फ लल्ली का बेटा कमल सिंह उर्फ भोला (28) सोमवार को शाम बाइक पर बांदा से घर लौट रहा था। सेमरी मोड़ के पास सामने से तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखचे उड़ गए। कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। बाइक चला रहे कमल सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कार चालक व सवार वाहन छोड़कर भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे कुरसेजा पुलिस चौकी प्रभारी हरिशरण सिंह कछवाह ने मृतक के मोबाइल से उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कार को कब्जे में लेकर चौकी में खड़ा करा दी गई है। कमल के पिता लाल सिंह ने बताया कि बांदा में मकान बन रहा है। कमल उर्फ भोला निर्माणाधीन मकान का काम देखकर लौट रहा था। तभी सोमवार की शाम हादसा हो गया। वह सूरत (गुजरात) में प्राइवेट कंपनी में काम करता था। पिछले वर्ष लॉकडाउन में लौटने के बाद बांदा में प्लाट खरीदा था। यह भी बताया कि कमल की शादी एक सप्ताह पूर्व 19 अप्रैल को महोखर में हुई थी। घर में शादी की रस्में चल रही थीं। खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक कमल पांच भाइयों में बड़ा था।
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मौत की खबर सुन नवविवाहिता बेसुध
शादी के एक सप्ताह बाद सुहाग उजड़ जाने पर नवविवाहिता नेहा का बुरा हाल है। वह बेसुध है। होश आने पर सिर्फ पति को पुकार रही है। बांदा शहर में बन रहे मकान में दोनों के साथ रहने का सपना था। उधर, मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद कमल उर्फ भोला के अंतिम संस्कार में शामिल काफी लोग ऐसे थे जो उसकी शादी में शरीक रहे। (संवाद)
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सेमरी मोड़ में एक वर्ष पूर्व हुआ था भीषण हादसा
सेमरी मोड़ में कई बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारी यहां ब्रेकर आदि बनवाने की सुध नहीं ले रहे। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व इसी मोड़ में रोडवेज बस और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई थी। इसमें 11 यात्रियों की मौत हुई थी। 25 से ज्यादा यात्री घायल हुए थे। तब प्रशासन ने दो दिन में ही स्पीड ब्रेकर बनवा दिए थे जो छह माह में ही टूटकर उखड़ गए। रोष जताया कि अब यहां कोई स्पीड ब्रेकर नहीं है। (संवाद)