शहर के मध्य प्रकाश टाकीज परिसर में स्थित शापिंग का मानचित्र (नक्शा) बांदा विकास प्राधिकरण ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्राधिकरण ने इसे करीब 22 माह पूर्व वर्ष 2016 में स्वीकृत किया था। भवन स्वामियों के बीच आपसी विवाद था। नक्शा निरस्त करने का कारण पार्किंग स्थल में निर्माण और फर्जी हस्ताक्षर हैं।
चौक बाजार स्थित गोसाईगंज में कपूर चंद्र गुप्ता, योगेश चंद्र गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता, विजेंद्र गुप्ता और नम्रता जायसवाल के नाम से दिसंबर 2015 में शपथ पत्र के साथ शापिंग माल का मानचित्र दाखिल कर स्वीकृति मांगी गई थी। प्राधिकरण ने 24 मई 2016 को इसे स्वीकृति दे दी। डीएम/उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण द्वारा जारी ताजे आदेश में कहा गया है कि शैलेंद्र गुप्ता ने मई 2016 में शिकायत की कि मानचित्र पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। साथ ही नक्शे में जो स्थान पार्किंग स्थल के रूप में खुला दर्शाया गया है, वहां पक्के भवन बने हुए हैं।
इसी तरह किरायेदार अशोक कुमार चौहान ने शिकायत की कि धोखा देकर उसकी पुरानी दुकान को पार्किंग स्थल दिखा दिया गया है। प्राधिकरण ने मानचित्र दाखिल करने वाले पांचों लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दी।
डीएम के आदेश में बताया गया है कि कपूर चंद्र, योगेंद्र और नम्रता जायसवाल ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। शैलेंद्र गुप्ता ने शपथ पत्र देकर जवाब में कहा कि मानचित्र में उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। आदेश में कहा गया है कि जमीन के जो अभिलेख पेश किए गए उसमें कपूर चंद्र गुप्ता व अन्य का स्वामित्व मात्र 2585.32 वर्ग मीटर भूमि पर है, जबकि मानचित्र में भूमि का रकबा 2730 वर्ग मीटर दर्शाया गया है।
मानचित्र में जो स्थल पार्किंग के लिए खुला दिखाया गया है, वहां अवैध निर्माण पाया गया है। इसके अलावा भवन निर्माण में फायर ब्रिगेड की भी एनओसी नहीं ली गई। डीएम ने सारे तथ्यों के आधार पर विकास प्राधिकरण की अधिनियम की धारा 15 (9) के अंतर्गत 24 मई 2016 को स्वीकृत नक्शा निरस्त कर दिया है।