शराब की बोतल दिखाता स्वतंत्र साहू।
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बांदा। तीन युवतियों के यौन शोषण का मामला दर्ज हुए सोमवार को नौ दिन हो गए, लेकिन पुलिस अभी तक नामजद तीनों आरोपियों में से एक को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एक आरोपी की ऑटो पार्ट्स की दुकान सील करने के बाद पुलिस ने अब लोकेंद्र के घर से इनोवा गाड़ी को कब्जे में लिया है। पुलिस का कहना है कि टीम कानपुर और लखनऊ में उसके रिश्तेदारों के घर दबिश दे रही है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग मुहल्लों की तीन युवतियों ने तीन रईसजादों आशीष अग्रवाल, लोकेंद्र सिंह और स्वतंत्र साहू के खिलाफ नौकरी देने के नाम पर दुष्कर्म करने, निर्वस्त्र कर डांस कराने और वीडियो क्लिप बनाकर वायरल करने की धमकी देने तथा मानव तस्करी का मामला दर्ज कराया। 22 मार्च को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद नौ दिन का समय गुजर गया है, लेकिन पुलिस तीनों कारोबारियों तक नहीं पहुंच पाई है।
विवेचक सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके रिश्तेदारों के घरों पर दबिश दी जा रही है। परिजनों से पूछताछ के साथ ही संभावित ठिकानों पर छापा मारा जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने कहा कि आरोपी इस मुगालते में हैं कि अरेस्ट स्टे लेकर सरेंडर करेंगे। इसके चलते वह भागे-भागे घूम रहे हैं। आरोपियों का पुलिस की पकड़ से बाहर रहना उनके लिए खतरे से कम नहीं है। एएसपी ने कहा कि जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
बताया कि यौन शोषण के दूसरे आरोपी लोकेंद्र सिंह की इनोवा कार को पुलिस ने कब्जे में लिया है। इससे पहले आशीष अग्रवाल की तिंदवारी रोड स्थित ऑटो पार्ट्स व बाइक एजेंसी सील की गई है। आरोपी स्वतंत्र साहू के कारखाने पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन टीमें लगी हैं। एक आरोपी के कानपुर या लखनऊ में होने की जानकारी मिली है। वहां भी टीम भेजी गई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती
आरोपियों की गिरफ्तारी में नाकाम पुलिस की किरकिरी हो रही है। लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। एसपी का कहना है कि पुलिस की तीन टीमें गिरफ्तारी का प्रयास कर रही हैं। वहीं, चर्चा है कि आरोपी शहर छोड़कर जा चुके हैं। यह सब पुलिस की लापरवाही से हुआ है। यदि पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार किया होता तो उन्हें भागने का मौका नहीं मिलता। पुलिस की शुरुआती सुस्ती की वजह से अब उसकी किरकिरी हो रही है।