बांदा। अखिल भारतीय साहित्य परिषद भारतीय नववर्ष पर नटराज संगीत महाविद्यालय में काव्य गोष्ठी हुई। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई।
राजेन्द्र तिवारी स्वदेश ने होली फाग गायत्री के नेरे रहिये, गायत्री के नेरे ला व कवि केवल प्रसाद ने नूतन बरस को करें वंदन, राम प्रसाद वियोगी ने जलाओ दीये रोशनी के लिए, आरसी योगा ने तेरी मेरी औकात क्या वंदे, राजेश तिवारी रंजन ने नया वर्ष आकर नूतन खुशियां लाएगा, गोपाल दास गुप्ता साथी ने प्रेम अमृत भी है, प्रेम हलाहल भी है रचना पेश की।
योगेश कुमार ने गली-गली में आना -जाना, ठाकुर दास शर्मा पंछी ने शीश बाती का ऊपर उठाता रहा, अनिल द्विवेदी ने बांदा का रहने वाला हूं, बांदा की बात सुनाता हूं रचना सुनाई। रीता गुप्ता के सैंया काहे गए परदेश, अकेले हमें छोड़ गए रचना पर जमकर तालियां बजीं। प्रभा निगम, रामजानकी शुक्ला, सरोज पटेल, कोमल विश्वकर्मा,मोहित यादव,रमेश चंद्र द्विवेदी, दयानंद सिंह ने भी नव वर्ष पर काव्य पाठ किया।
जिला अधिवक्द्क्ता संघ अध्यक्ष द्वारिकेश सिंह यादव मंडेला, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संरक्षक धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे। परिषद के जिलाध्यक्ष राम प्रताप शुक्ल मानस किंकर ने सभी का आभार जताया।