बांदा। चित्रकूट के मऊ मानिकपुर में धावा बोलने के बाद हवा का रुख बदला तो टिड्डी दल का रास्ता बदल गया और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के नागौर (सतना) गांव की तरफ बढ़ गया। लगभग एक किलोमीटर लंबा पाकिस्तानी टिड्डी दल कई छोटे-छोटे दलों में तब्दील हो गया। कुछ टिड्डियों के अलग-अलग झुंड बांदा जिले के कालिंजर में भी देखा गया है। इनके सफाए के लिए कृषि विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।
प्रयागराज के रास्ते टिड्डियों का दल बुधवार को चित्रकूट में प्रवेश कर गया था। कई गांवों में कहर ढाने के बाद हवा के रुख के साथ वह मध्य प्रदेश के सतना पहुंच गया है। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि कुछ टिड्डियों का दल कालिंजर में देखा गया है। इनके हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
टिड्डियों के खात्मे के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। टीमें टिड्डियों पर बराबर नजर रखे हैं। कीटनाशक दवा डाईरोपाइरीफास, डेल्टामेथलीन, डाईफलोबेंजूरॉन, लेगडारासाईहेलोथिन आदि 650 लीटर अतिरिक्त मंगा ली गई है। दुकानों को भी 550 लीटर रसायन स्टॉक रखने के लिए कहा गया है।
स्थानीय निकाय व ग्राम पंचायतों और अग्निशमन विभाग को टैंकरों में पानी व पावर स्प्रेयर के साथ तैयार रहने को रहा गया है। लोकस्ट कंट्रोल आर्गेनाइजेशन व क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र लखनऊ टीम जनपद चित्रकूट में डेरा डाले है। उन्हें भी कालिंजर में टिड्डी दल के होने से अवगत कराया गया है। जरूरत पड़ने पर उनकी भी मदद ली जाएगी।