फोटो-16बीएनडीपी-8 : बैंक के बाहर धरना-प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के बैंक कर्मी। संवाद
राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल, लटके ताले
निजीकरण के विरोध में किया गया धरना-प्रदर्शन
क्रासर
दो दिन में चार अरब का व्यवसाय होगा प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। निजीकरण का लगातार विरोध कर रहे बैंक संगठनों ने गुरुवार को बैंक ब्रांचों में ताले लटकवा दिए। देशव्यापी हड़ताल में राष्ट्रीयकृत बैंक पूरी तरह बंद रहे। दो दिवसीय हड़ताल में शुक्रवार (17 दिसंबर) को भी बैंक बंद रहेंगे। हड़ताल के पहले ही दिन लगभग दो अरब रुपये का बैंक व्यवसाय प्रभावित हुआ। व्यापारिक और सरकारी लेन-देन ठप रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर यहां यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के तत्वावधान में बैंक कर्मी दो दिन की हड़ताल पर हैं। बैंक कर्मियों ने पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच के बाहर एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन किया। जिला मंत्री और इलाहाबाद बैंक स्टाफ एसोसिएशन के जोनल कोआर्डिनेटर रावेंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि सरकार की तमाम योजनाओं में सरकारी बैंक लाभ हासिल करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देश के हर वर्ग को राष्ट्रीयकृत बैंकों पर भरोसा है। आम लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए 52 वर्ष पूर्व तत्कालीन केंद्र सरकार ने राष्ट्रीयकरण किया था। अब जबकि बैंक बेहतर सुविधाएं और लाभ दे रहे हैं तब इन्हें निजी हाथों में सौंपने की सरकारी योजना सर्वथा अनुचित और राष्ट्रहित के विपरीत है। बैंक संगठन नेताओं ने कहा कि वह जानते हैं कि निजीकरण के मुद्दे पर सरकार आसानी से नहीं मानेगी। लेकिन बैंक संगठनों ने भी लंबी लड़ाई के लिए कमर कस ली है। हमारी एकता और संघर्ष के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा।
बैंकों में ताले पड़े रहने से बड़ी तादाद में खाताधारक और ग्राहक परेशान रहे। बैंक कर्मियों के मुताबिक लगभग 200 करोड़ रुपये का व्यवसाय/क्लीयरिंग नहीं हो पाई। शुक्रवार को भी यही स्थिति रहेगी। धरना-प्रदर्शन में नरेंद्र कश्यप, अंकुर श्रीवास्तव, अरुण, शशिकांत गुप्ता, गिरिजेश शुक्ला, राघवेंद्र शुक्ला, राकेश गुप्ता, पराग, कृष्णकांत, राघवेंद्र त्रिपाठी, राघवेंद्र निगम, विक्रम बहादुर, सलमान, मनोज, हरीनारायण तिवारी, मोहित गुप्ता, बृजेश, शैलेश, संदीप, जितेंद्र, महेंद्र, चुन्नू, रईस, संजय आदि शामिल रहे।
इनसेट
हड़ताल का वेतन नहीं, 26 लाख बचेंगे
बैंकों की हड़ताल से जहां लगभग दो अरब का बैंकिंग कारोबार नहीं हो सका तो दूसरी तरफ दो दिनी हड़ताल से बैंक प्रबंधन के लगभग 26 लाख रुपये बचेंगे। बैंक इंप्लाइज यूनियन जिला मंत्री रावेंद्र कुमार शुक्ल ने बताया कि हड़ताल के दिनों में कोई बैंक कर्मी वेतन नहीं लेगा। ऐसे में बांदा जनपद में लगभग 400 बैंक कर्मियों का वेतन प्रतिदिन अनुमानित 13 लाख रुपये है। दो दिन वेतन न लेने पर 26 लाख बचेंगे।