बांदा। घर के दरवाजे वृद्ध की हत्या का जुर्म साबित होने पर अभियुक्त को उम्र कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। अदालत से यह फैसला घटना के साढ़े 11 साल बाद आया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के शिवरतन का पुरवा (इटवां) के रामकेश पुत्र बबुवा यादव ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 फरवरी 2009 को दिन में करीब 3 बजे उसका 60 वर्षीय चाचा विजयपाल पुत्र बिरजा घर के सामने आम के पेड़ के तले अपने समधी व रिश्तेदार के साथ बैठा था।
इसी बीच बिसंडा थाना क्षेत्र के दुबरिया पुरवा का युवक देवराज यादव पुत्र भोला और परसेहटा (बिसंडा) गांव निवासी लक्ष्मी यादव पुत्र श्रीकृष्ण आए और देवराज को गालियां देते हुए देसी बंदूक से गोली मार दी। गोली दाहिने हाथ व सीने में लगी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में देवराज को जिला अस्पताल लाया गया। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने धारा 307 व 504 की रिपोर्ट दर्ज की। मृत्यु के बाद इसे धारा 302 व 504 में तरमीम किया। आरोपी को बंदूक व कारतूस सहित गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी देवदत्त मिश्रा ने 8 गवाह पेश किए।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी देवराज को उम्र कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर दो माह की कैद और होगी। आर्म्स एक्ट में दो वर्ष की कैद और 5000 रुपये जुर्माना की सजा दी। जुर्माना न अदा करने पर दो माह और कैद होगी। हत्यारे को जेल भेज दिया गया।