बांदा। प्रेम विवाह करने के कुछ वर्षों बाद पत्नी को कार से खींचकर गोली मारकर हत्या के जुर्म में पति और उसके एक साथी को अदालत ने उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये की सजा सुनाई है। दो अन्य आरोपी बरी हो गए।
दिल्ली निवासी सुरेंद्र सिंह वाल्मीकि ने मटौंध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी छाया ने वर्ष 2003 में मटौंध थाना क्षेत्र के मरौली गांव निवासी रामप्रकाश वर्मा पुत्र मनीराम के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। एक पुत्री भी हुई। 23 अक्तूबर 2011 को कार से बाजार जाते समय रामप्रकाश ने रामकिशोर विश्वकर्मा पुत्र हरवंश, राजू अहिरवार पुत्र आशाराम व उमेश यादव पुत्र सुखदेव (सभी निवासी कबरई) की मदद से कार से खींचकर तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने पति रामप्रकाश सहित चार आरोपियों के खिलाफ नामजद धारा 302 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह बाहर आ गए। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।
इस मामले की सुनवाई कर रहे पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकरण द्वितीय ने मंगलवार (2 जुलाई) को पति रामप्रकाश वर्मा और उसके साथी रामकिशोर विश्वकर्मा को दोषी करार देते हुए बुधवार तक के लिए फैसला सुरक्षित कर लिया था।
बुधवार को सुनाई सजा में दोनों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है। जुर्माना न देने पर 2 माह की और सजा होगी। रामकिशोर विश्वकर्मा को धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम में दो साल की कैद व 2000 रुपये जुर्माना किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। दो आरोपी राजू अहिरवार व उमेश यादव को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से 5 गवाह पेश किए गए।