बांदा। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘दस्तक अभियान’ फरियादियों और खासकर ग्रामीणों को राहत देने वाला साबित हो रहा है। इसी के मद्देनजर अभियान की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 10 जून कर दी गई है। 20 मई से मंडल के चारों जनपदों में चल रहे अभियान में 37,400 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। सरकारी दावों के मुताबिक इनमें 24,200 का निस्तारण कर दिया गया है।
मंडलायुक्त ने मंडल के गांवों की समस्याओं को जानने और उनके निस्तारण के लिए दस्तक अभियान के तहत लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिव को दायित्व सौंपा है। यह दोनों ग्राम स्तरीय कर्मी रजिस्टर में घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं और शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। साथ ही इनके निस्तारण के लिए अपने स्तर से संस्तुति/जांच आख्या ऑनलाइन उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं। मंडलायुक्त ने मंडल के सभी एडीएम, बीडीओ, तहसीलदार और एडीओ यह जिम्मा सौंपा है कि वह 5-5 गांवों में जाकर अभियान की असलियत परखेंगे।
मंडलायुक्त ने बताया कि अभियान की अंतिम तिथि पांच जून थी, लेकिन इससे जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की मंशा पर इसे बढ़ाकर 10 जून कर दिया गया है। अब तक चारों जनपदों में 37,400 लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं। संबंधित अधिकारियों ने 24,200 का निस्तारण कर दिया है। शेष पर कार्रवाई चल रही है। ज्यादातर प्रकरण राजस्व विभाग, पेंशन और राशन कार्ड आदि के आए हैं।
आयुक्त रोजाना करते हैं ऑनलाइन समीक्षा
बांदा। मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह दस्तक अभियान की समीक्षा खुद कर रहे हैं। ग्राम स्तरीय अन्य समस्याएं भी इसमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना सुबह 10 बजे मंडल के सभी लेखपाल और ग्राम पंचायत सचिवों से ऑनलाइन रूबरू होते हैं। उनसे अभियान की प्रगति, समस्याएं आदि जानते-सुनते हैं। आयुक्त ने कहा कि वह खुद गांवों में जाकर अभियान का हिस्सा बनेंगे। मंडल के चारों जिलों के सीडीओ, एडीएम, बीडीओ और डीपीआरओ को भी समय-समय पर अभियान की जांच करते रहने को कहा है।