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परशुराम बनकर नेतृत्व करें ब्राह्मण, पिछलग्गू न बनें

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बांदा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष की मेजबानी में हुए प्रबुद्ध सम्मेलन/गोवंश रक्षा संकल्प कार्यक्रम में ब्राह्मणों की उपेक्षा पर मौजूदा भाजपा सरकारों पर निशाना साधा गया। ब्राह्मणों का आह्वान किया कि परशुराम बनकर नेतृत्व करें, किसी के पिछलग्गू न बनें। कई मांगे भी उठीं, जिनका मांगपत्र पार्टी हाईकमान को भेजा गया है। मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को पार्टी के तीन विधायक भी शामिल रहे।
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सिविल लाइन स्थित नागरीय प्रचारिणी पुस्तकालय सभागार में आयोजित सम्मेलन में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी शामिल हुए। इनमें ब्राह्मण सभा के प्रतिनिधि भी थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न दुबे लालू की मेजबानी में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीमावर्ती जनपद छतरपुर (एमपी) के विधायक आलोक चतुर्वेदी (पज्जन भइया) ने कहा कि आजादी के बाद वर्ष 1989 तक कांग्रेस ने यूपी में छह मुख्यमंत्री ब्राह्मण बनाए। इसके बाद भी ब्राह्मण हासिए पर चले गए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण तैयार हो जाएं और खुद नेतृत्व करें।
चित्रकूट (एमपी) की विधायक नीलांशू चतुर्वेदी ने कहा कि यूपी में भाजपा गाय, गंगा और राम के नाम पर वोट ले लेती है, लेकिन इनके वास्तविक पुजारी ब्राह्मणों की उपेक्षित करती है। सत्ताधारी दल ने राम के नाम का सौदा किया है। उन्होंने यूपी-एमपी में गायों की दुर्दशा का जिक्र किया।
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महाराजपुर (एमपी) के कांग्रेस विधायक नीरज दीक्षित ने नरैनी की गायों की हत्या पर शोक जताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार और भाजपा को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए। सम्मेलन का संचालन पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष साकेत बिहारी मिश्र ने किया। पूर्व विधायक जगदीश शर्मा (हमीरपुर), डा.पंकज तिवारी (पनवाड़ी), अधिवक्ता संघ पूर्व अध्यक्ष रामकृष्ण त्रिपाठी, महासचिव सत्यदेव त्रिपाठी, राजेश दुबे गुड्डा, राजेश दीक्षित, अखिलेश शुक्ल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष संजय गुप्ता, संकटा त्रिपाठी, बालेंद्र द्विवेदी, बरातीलाल पांडेय, अरविंद रावत, आकाश दीक्षित, राजाभइया मिश्र, सत्यदेव दीक्षित, आनंद शुक्ला, शिव प्रसाद शुक्ला, बी.लाल, गजेंद्र पटेल, शोभा चौहान, रामहित निषाद आदि शामिल रहे। कैप्टन सूर्य प्रकाश मिश्रा के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री ब्राह्मण चेहरा घोषित हो
सम्मेलन में कई मांगों उठीं। इसमें एक मांग प्रदेश के चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा ब्राह्मण को बनाने की भी रही। इसके अलावा गोवंश के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था, सामान्य वर्ग के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण, राजस्थान की तर्ज पर यूपी में ब्राह्मण आयोग के गठन, कर्मकांडी ब्राह्मणों की गणना व उन्हें मानदेय, संस्कृत विद्यालयों के रिक्त पदों पर ब्राह्मणों की प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति की मांग की गई। इसी तरह ब्राह्मण मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति व उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग, चित्रकूटधाम मंडल में केंद्रीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना, गरीब ब्राह्मण परिवार की कन्या की शादी के लिए 51 हजार का सहयोग, योग्यता के आधार पर ब्राह्मण युवक-युवतियों को स्वरोजगार में आर्थिक मदद, हर जिले में ब्रह्मण के लिए एक विधान सभा सीट का आरक्षण आदि की मांगें की गईं। इन मांगों से प्रियंका गांधी व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।
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