बृहस्पतिवार को हड़ताल के चलते अपने बस्तों में बैठकर दिन बिताते अधिवक्ता।
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बांदा। प्रतापगढ़ और कानपुर में वकीलों की दिनदहाड़े हत्या से यहां के वकीलों में भी रोष है। बृहस्पतिवार को जिला अधिवक्ता संघ के आह्वान पर वकीलों ने अदालती कार्यों का बहिष्कार कर हड़ताल पर रहे। वकीलों ने शासन से चार मांगे कीं।
जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतापगढ़ में 15 मार्च को अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र की गोली मारकर हत्या कर दी। 16 मार्च को बिल्हौर (कानपुर) में अधिवक्ता जितेंद्र पाल को दिनदहाड़े लाठी, डंडों से पीटकर मार दिया। दोनों घटनाओं के विरोध में बृहस्पतिवार को यहां के वकील हड़ताल पर रहे।
अधिवक्ता संघ ने दोनों मृतक के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, ऐसी घटनाओं भविष्य में दोबारा न होने देने के इंतजाम, मांगने पर अधिवक्ताओं को तत्काल शस्त्र लाइसेंस और अधिवक्ताओं के कार्य सभी विभागों में प्राथमिकता से किए जाने की मांग की।
साथ ही संघ की बैठक मेें मौन रखकर दोनों मृतक अधिवक्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। उधर, हड़ताल से अदालतों में सन्नाटा रहा। अधिवक्ता अपने चेंबर और बस्तों मेें बैठकर समय बिताते रहे। अधिकांश चेंबर भी सूने रहे।