बांदा। बुवाई के मौके पर कृषि बीज भंडारों से बीज गायब है। ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और सूखा के चलते तीन साल से खेतों में उपज नहीं हुई। किसानों घरों में बीज का दाना नहीं है। किसान बीज केंद्रों से मायूस लौट रहे हैं।
जिले में 93,239 क्विंटल बीज की जरूरत है, लेकिन 9911 क्विंटल बीज का ही आवंटन हुआ है। इसमें भी सिर्फ 1763 क्विंटल बीज बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध हुआ है। बीज हासिल करने को लेकर किसानों में मारामारी मची है। किसानों का कहना है कि केंद्र प्रभारी सिर्फ चहेतों को बीज दे रहे हैं। बीज के करीब तीन हजार मिनी किट आए। इसमें भी चंद किसानों को ही बीज मिला।
कृषि विभाग ने इस साल रबी के लिए 93,239.50 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसमें गेहूं का बीज 58430 क्विंटल, जौ का 200 क्विंटल, चना का 27780 क्विंटल, मटर 2300 क्विंटल, मसूर 4155 क्विंटल, सरसों 92 क्विंटल, तोरिया 31 क्विंटल और अलसी का 251.50 क्विंटल बीज आना है। उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, मथुरा कृषि अधिकारी और प्रक्षेत्र उत्पाद रहीमाबाद को बीज सप्लाई का जिम्मा सौंपा गया है।
चना 1693.4 क्विंटल, जौ 90 क्विंटल, मसूर 1434 क्विंटल, मटर 90 क्विंटल, गेहूं 6566 क्विंटल और सरसों सात क्विंटल बीज का आवंटन अक्तूबर के पहले पखवारे में होना था। इसके मुकाबले अभी तक गेहूं 1304, चना 130.4, मसूर 699, गेहूं 900 और सरसों बीज 2.5 क्विंटल ही प्राप्त हुआ है। मटर, अलसी बीज का एक दाना नहीं आया।
79241 हेक्टेयर बुआई का लक्ष्य
बांदा। जिले में इस साल 79241 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी की फसल की बुवाई होनी है। इसमें गेहूं 23478, मसूर 37718, मटर 8347, चना 3347, जौ 125 और तिलहनी में तोरिया 1109, सरसों 778, अलसी 2119 हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य है। अनुकूल मौसम और बेहतर उत्पादन को देखते हुए पिछले साल से यह लक्ष्य 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल ज्यादा निर्धारित किया गया है।
जिले में 104 बिक्री केंद्र
किसानों को बीज मुहैया कराने के लिए जिले में 104 बिक्री केंद्र हैं। इनमें कृषि विभाग के राजकीय बीज भंडार सभी ब्लाक मुख्यालयों एक-एक हैं। इसके अलावा बफर गोदाम (अलीगंज) और अतर्रा का बीज प्रक्षेत्र भी है। यूपी एग्रो के तीन और सहकारी समितियों में 63 बिक्री केंद्र हैं। केंद्र प्रभारी बीज आने की बाट जोह रहे हैं। बीज उपलब्ध न होने पर उन्हें किसानों की फजीहत भी झेलनी पड़ रही है।
बीज मिलेगा, परेशान न हों किसान
बांदा। कृषि उप निदेशक उमेशचंद्र कटियार ने बताया कि बीज की खेप आनी शुरू हो गई है। किसानों को बीज जल्द मुहैया होगा। पिछले साल जिस किसान ने बीज लिया था। उसे तीन साल तक अनुदान पर कोई बीज नहीं मिलेगा। उधर, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि बुवाई का समय 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक है। अभी किसान परेशान न हों। केंद्रों पर बीज न मिले या कोई शिकायत हो तो उनके मोबाइल नंबर-9235209418 पर शिकायत करें।