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Banda News: गाय के गोबर से बने दीपक बिखेरेंगे समृद्धि का उजाला

Tue, 14 Oct 2025 10:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो- 07 गाय के गोबर से निर्मित दीपक व प्रतिमा। संवाद
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बांदा। दीपावली पर इस बार बाजार में मिट्टी के साथ एक नई रोशनी का प्रतीक बनकर गाय के गोबर से निर्मित दीपक छा रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते ये दीपक ग्रामीण कारीगरों और गोशालाओं की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।
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गाय का गोबर भारतीय संस्कृति में पवित्र माना गया है। इसी से प्रेरित होकर गोशालाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों ने इस वर्ष बड़ी मात्रा में दीपक तैयार किए हैं। इन दीपकों को प्राकृतिक सामग्री गाय के गोबर, कपूर, घी और औषधीय जड़ी-बूटियों से बनाया जा रहा है। जलने पर ये दीपक हवा को शुद्ध करने के साथ सुगंध भी फैलाते हैं। स्थानीय बाजारों में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
मां धरा युवा विकास संस्थान के संचालक रावेंद्र मिश्रा का कहना है कि लोग अब पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। एक दीपक की कीमत 10 से 15 रुपये तक रखी गई है, जबकि अन्य सामान्य दीपक 10 रुपये में चार बिक रहे हैं। गोशालाओं को थोक में भी ऑर्डर मिल रहे हैं। शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं इस पहल से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
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गौशाला संचालक बताते हैं कि इससे न केवल गोवंश की देखभाल के लिए फंड जुटाने में मदद मिल रही है, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार का एक स्थाई स्रोत भी बन रहा है। दीपक के साथ ही गोबर से निर्मित धूपबत्ती, मूर्तियां और सजावटी वस्तुएं भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। पर्यावरण के हिसाब से भी इन दीपकों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और यह परंपरा और प्रकृति के संगम का प्रतीक है।
इस दीपावली जब घर-आंगन में ये यह दीपक जलेंगे, तो न सिर्फ समृद्धि की रोशनी फैलेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की भावना भी साकार होगी।

समृद्धि और स्वच्छता का संदेश
यह दीपक परंपरा और प्रकृति का सुंदर संगम हैं। इस दीपावली जब घर-आंगन में गोमय दीपक जलेंगे, तो समृद्धि की रोशनी के साथ आत्मनिर्भर-भारत का दीप भी प्रज्वलित होगा। दीपक बिक्री से प्राप्त धन गोवंश की देखभाल में सहायक होने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।
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धार्मिकता और पर्यावरण का संगम
दीपावली पर इस बार मिट्टी के साथ गाय के गोबर से बने दीपक आकर्षण का केंद्र बने हैं। ये दीपक न केवल धार्मिक रूप से पवित्र हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं।

फोटो- 07 गाय के गोबर से निर्मित दीपक व प्रतिमा। संवाद

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