गंगऊ बांध की उफान का निरीक्षण करते सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता। साथ में अन्य अभियंता।
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बांदा। एमपी के बुंदेलखंड और बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगऊ (छतरपुर) और बरियारपुर (पन्ना) बांध उफना पड़े हैं। बांधों से तीन लाख क्यूसिक से छूटे पानी से केन नदी को खतरे के निशान पार कर गई है। बांधों में इस मानसून का यह सर्वाधिक डिस्चार्ज है। चित्रकूट मंडल के अन्य 13 बांधों का जलस्तर भी बढ़ गया है। रविवार को गंगऊ से दो लाख 33 हजार 339 क्यूसिक और बरियारपुर से तीन लाख 45 हजार क्यूसिक पानी केन नदी में गिरता रहा। नदी का पैमाना लाल निशान के पार चला गया है।
मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों और बांध के इनकैचमेंट (जल संग्रह) क्षेत्रों में कई दिनों से लगातार बारिश जारी है। पिछले माह सूखे पड़े गंगऊ व बरियारपुर बाँध (बियर) उफान पर हैं। गंगऊ का जल स्तर बढ़कर 128 मीटर और बरियारपुर का 189 मीटर पर पहुंच गया है।
बांधों का मौका मुआयना करने पहुंचे सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता उसमान अली ने बताया कि बांधों/ बियर पर लगातार नजर रखी जा रही है। रात-दिन कर्मचारी ड्यूटी दे रहे हैं। जलस्तर (गेज) की सूचना हर घंटे या दो घंटे में प्रशासन और उच्चाधिकारियों को दी जा रही है।