हाईवे पर शोक और विरोध जतातीं महिलाएं।
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रविवार को केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान मुन्ना निषाद के 14 वर्षीय पुत्र त्रिलोक की कोचिंग पढ़ने जाते समय ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घटनास्थल पर आ गए और तिंदवारी रोड पर बांदा-टांडा हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
हंगामे की आशंका से सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी, तहसीलदार सुनील कुमार, सीओ सिटी शोहराब आलम, कोतवाली प्रभारी डीपी तिवारी सहित कई चौकियों के दरोगा भी आ गए। मृतक की मां व अन्य महिलाएं शव के पास लगातार विलाप कर जाम लगाए रहीं।
जाम लगाए लोगों की कहना था घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर बनवाकर ओवरलोडिंग पर लगाम के साथ ही सुबह 4 से रात्रि 11 बजे तक नो इंट्री रहे। साथ ही मृत छात्र के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा दिया जाए। मांगों से संबंधित सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के समझाने पर लोगों ने जाम खत्म किया। फिर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।