बांदा। वर्ष 2025-26 के आम बजट में किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का एलान किया गया है। इसका लाभ जिले के किसानों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। इसकी वजह यह है कि बैंक एक मानक के अनुसार ही केसीसी बनाते हैं। इस आधार पर मुश्किल से 20 फीसदी किसानों को ही इसका फायदा हो सकता है।
बता दें कि जिले में कुल 3,12,000 किसान हैं। इनमें से 2,85,000 किसानों को पीएम सम्मान निधि मिलती है। मानक पूरा नहीं करने की वजह से 1,22,330 किसानों का ही केसीसी बना है। इन पर 2022 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। कई सालों से कर्ज अदा नहीं करने वाले 49 हजार किसानों को बैंक ने डिफाल्टर घोषित कर दिया है। इन पर 667 करोड़ रुपये का कर्जा है। इनका कर्ज एनपीए में डाल दिया गया है। वसूली के लिए इन्हें बैंक नोटिस जारी कर रहे हैं। वहीं, केसीसी के दायरे में ठेके (बंटाई) पर जमीन लेने वाले किसान नहीं आते हैं। केसीसी का लाभ सिर्फ काश्तकार को दिया जाता है, जिनके नाम पर जमीन होती है।
एलडीएम रवि शंकर का कहना का कहना है कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाने का एक मानक होता है। इसके इतर केसीसी नहीं बनाया जा सकता। मसलन, गेहूं की उपज पर 85 हजार और धान की उपज में 69 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से केसीसी बनाया जाता है। इसे कम या ज्यादा नहीं किया जा सकता है। इतना जरूर है कि मानक के अनुसार समय पर ऋण जमा करने वाले किसानों को केसीसी में प्रति वर्ष 10 फीसदी का इजाफा किया जाता है। लिहाजा जिन किसानों का केसीसी ढाई लाख का है, उनका पांच साल की बढ़ोतरी जोड़ने से वह पांच लाख के दायरे में आ सकते हैं। ऐसे किसानों की संख्या 20 फीसदी ही होगी। छोटे किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा।
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किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया
एलडीएम रवि शंकर का कहना है कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने की प्रक्रिया बहुत सरल है। किसान अपने निकटतम बैंक में खसरा, खतौनी व आधार कार्ड, बारासाला, पासपोर्ट फोटो के साथ प्रार्थनापत्र देगा। बैंक दस्तावेजों की जांच कर खतौनी के आधार पर उसकी पैदावार को निकालेगा और उसका तीन गुना का केसीसी बना देगा। किसानों को कोई दिक्कत होती है तो मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
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-कोट
बैंक ऑफ बड़ौदा के 195, बैंक ऑफ इंडिया के 128, सेंट्रल बैंक के 184, इंडियन बैंक के 15674, यूनियन बैंक के 1350, आर्यावर्त बैंक के 29,654 किसान डिफाल्टर हैं। इस प्रकार जिले में कुल 49 हजार किसान डिफाल्टर हैं। बैंकों ने इन किसानों को वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। 90 दिन के अंदर ऋण की अदायगी नहीं की गई तो आरसी जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
-रविशंकर, अग्रणी बैंक प्रबंधक
कुछ नया कर सकेगा किसान
केसीसी का पहले सीमित दायरा था। किसान इससे बीज, खाद आदि के अतिरिक्त कुछ नहीं कर पाता था। अब दायरा बढ़ने से किसान पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी आदि करके अपनी आय को बढ़ा सकेगा, लेकिन दायरा कैसे बढ़ेगा, इसका सरकार ने खुलासा नहीं किया।
- मोहम्मद असलम, प्रगतिशील किसान
पशुपालन की ओर बढ़ेगा किसान
केसीसी का दायरा बढ़ने से किसान कुछ नया कर सकेगा। पहले जो ऋण मिलता था, वह कम था, जिससे किसान खाद, बीज की ही आवश्यकता पूरी कर पाता था। अब वह अन्य कार्य भी कर सकेगा। केसीसी बनाने के मानक में कोई संशोधन नहीं किया गया, ऐसे में दायरा कैसे बढ़ेगा।
-विज्ञान शुक्ता, प्रगतिशील किसान
फोटो18-प्रगतिशील किसान के खेत में लगी सरसों। संवाद
फोटो19- प्रगतिशील किसान विज्ञान शुक्ला।
फोटो20-प्रगतिशील किसान मो.असलम।
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