बांदा। बुंदेलखंड में मिनी कामधेनु डेयरी योजना के फेल होने के बाद अब नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत नंदनी कृषक समृद्धि डेयरी योजना से श्वेतक्रांति का प्रयास किया जा रहा है। चित्रकूटधाम मंडल में सात करोड़ रुपये की लागत से 17 नंदनी व मिनी नंदनी दुग्ध डेयरियों की स्थापना होगी।
प्रदेश सरकार बुंदेलखंड में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने को निरंतर प्रयास कर रही है। वर्ष 2016 में बुंदेलखंड को 20 कामधेनु दुग्ध डेयरियां दी गई थीं। प्रत्येक की लागत एक करोड़ रुपये थी। लेकिन, यह डेयरियां धरातल पर फ्लाप साबित हुई है। एक दो को अपवाद मान लें तो ज्यादातर डेयरियां बंद पड़ी हैं। डेयरियों के फेल होने के बाद सरकार ने शर्त के मुताबिक पांच साल तक दिए जाने वाले ब्याज को भी बंद कर दिया। जिससे इनकी हालत और खस्ता हो गई।
अब सरकार ने एक बार फिर नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत नंदनी कृषक समृद्धि डेयरी योजना से स्वेतधारा बहाने का प्रयास शुरू किया है। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय को पांच नंदनी व मंडल के प्रत्येक जनपद को तीन-तीन मिनी नंदनी दुग्ध डेयरी दी हैं। ई-लाटरी के जरिए लाभार्थियों का चयन भी कर लिया गया है। पशुपालन विभाग ने ऋण पत्रावलियों को बैंक भेज दिया है। विभाग का कहना है कि डेयरी के संचालन से मंडल में करीब पांच हजार लीटर गाय के दूध का उत्पादन बढ़ेगा।
नंदनी दुग्ध डेयरी में 25 गाय
नंदनी कृषक समृद्धि योजना की लागत 62.60 लाख है। इसमें लाभार्थी को स्वदेशी नस्ल की गिरि, साहीवाल, थारपारकर की 25 गाय पालना होगा। योजना के तहत लाभार्थी को सरकार 50 फीसदी का अनुदान देगी।
मिनी डेयरी में 10 गाय होंगी
मिनी कृषक समृद्धि योजना की लागत 32.60 लाख है। इसमें लाभार्थी को स्वदेशी नस्ल की साहीवाल, गिरी की 10 गाय पालना होगा। योजना के तहत लाभार्थी को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।
बाजार उपलब्ध कराएंगी सहकारी समिति
सरकार दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से लाभार्थियों को दूध बेचने के लिए बाजार उपलब्ध कराएंगी। जिससे डेयरी संचालक को जहां सही दाम मिल मिले तो वहीं लोगों पौष्टिक व शुद्ध दूध मिल सके।
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मंडल में इनको मिली नंदनी दुग्ध डेयरी
संतराम सिंह हरदौली (मटौध), शैलेंद्र सिंह पलरा (तिंदवारी), भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष वंदना गुप्ता पोडाबाग अलीगंज, संगीता शुक्ला लोहरा (कमासिन), अशोक कुमार अरथरा परास (बबेरू)
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जनपद में इनको मिली मिनी नंदनी दुग्ध डेयरी
सुशील कुमार सिंह अरबई (महोखर), श्यामलाल (महुआ), योगेश तिवारी अमलोखर (कमासिन)।
निगरानी सख्त न हुई तो नंदनी का भी होगा बुरा हश्र
बुंदेलखंड राज्य निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक रमेश दुबे का कहना है कि कामधेनु दुग्ध डेयरी की लागत एक करोड रुपये थी। जिसमें पांच साल तक ब्याज मुक्त ऋण था। इसे ज्यादातर विधायक, पूर्व विधायक व पैसों वालों ने हथिया लिया था। इन्होंने दो चार गायों को पाला और पैसा निकालकर दूसरे कामों में लगा दिया और जिससे डेयरी एक ही साल में फेल हो गई। कमोवेश सख्त निगरानी न रखी गई तो यही हश्र नंदनी कृषक समृद्धि दुग्ध योजना का भी होगा।
नंदनी योजना में ई-लाटरी से अभ्यार्थियों का चयन किया गया है। डेयरी की निगरानी पांच सदस्यीय जिला स्तरीय टीम करेगी। योजना की धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी।
शिव कुमार, जिला पशु चिकित्साधिकारी बांदा।