कालिंजर दुर्ग में नीलकंठेश्वर मंदिर के पास जंगल में लगी आग।
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महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग के जंगल में आग भड़क उठी। बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं की भीड़ में हड़कंप और दहशत फैल गई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला। लपटें और धुंआ दूर-दूर तक नजर आता रहा। करीब चार घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड पानी के संकट से जूझती रही।
शुक्रवार को महाशिव रात्रि के मौके पर दुर्ग में स्थित ऐतिहासिक नीलकंठेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। इसी बीच दोपहर बाद मंदिर के गेट के नजदीक लगे पेड़-पौधों और झाड़ियों में अचानक किसी तरह से आग भड़क उठी। जिससे श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। पुलिस ने आनन-फानन में आसपास खड़े वाहनों को हटवाया।
साथ ही आग वाले स्थल की ओर जाने पर रोक लगा दी। पानी की व्यवस्था न होने से आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। वन विभाग के कर्मचारी भी घंटों बाद पहुंचे। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। शाम करीब पांच बजे पहुंची फायर ब्रिगेड उस दुर्गम स्थान तक नहीं पहुंच पाई जहां आग लगी है।
पाइप के जरिए एक टैंकर पानी डालने के बाद फायर कर्मियों को पानी के संकट से जूझना पड़ा। देर रात तक आग बुझाने का प्रयास जारी था। आग अपना दायरा बढ़ाती जा रही थी। लपटें और धुआं दूर-दूर तक नजर आ रहा था। आग से दुर्ग में लगे तमाम पेड़-पौधे और जड़ी बूटियां जलकर खाक हो गईं।