अतर्रा (बांदा)। झोलाछाप के इलाज से किशोर का हाथ काटना पड़ गया। रयान गांव के राजेंद्र मौर्य ने बताया कि उसके 13 वर्षीय पुत्र छोटू का बायां हाथ दो माह पहले टूट गया था। इलाज के लिए कस्बे के झोलाछाप के पास ले गए।
उसने हाथ पर प्लास्टर चढ़ाकर एक माह में सही करने की जिम्मेदारी ले ली, लेकिन हाथ ठीक नहीं हुआ। संक्रमण ज्यादा होने के कारण कानपुर में उसका हाथ काटा गया। तब पुत्र की जान बच सकी।
पिता ने आरोप लगाया कि उसने अपने पुत्र का दो माह तक इलाज कराया। फिर भी आराम नहीं लगा था। फफोले और सड़न पैदा हो गई थी। कानपुर के प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज कराने पर उसका हाथ काट दिया गया।
पिता ने बबेरू सीओ राजीव प्रताप सिंह को तहरीर देकर गलत तरीके से इलाज करने वाले झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीओ ने बताया कि सीएमओ के सहयोग से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।