चित्रकूट। जिले में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जुलाई 2026 में पिछले पांच वर्षों में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। इससे खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया है, इससे किसान भी चिंतित हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में अब तक केवल 186 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई है। यह पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 2025 में 253 मिमी, 2024 में 206 मिमी, 2023 में 310 मिमी, 2022 में 292 मिमी और 2021 में 266 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।
बारिश की कमी का सीधा असर खेती पर दिख रहा है। खेतों में नमी की कमी हो गई है। आच्छादन सहित कई कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने धान की रोपाई समय पर की थी। उन्हें अच्छी बारिश की उम्मीद थी लेकिन मानसून कमजोर पड़ गया।
किसानों का मानना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
बोले किसान-खेतों में भरा पानी सूख गया
एक सप्ताह पहले ही धान की रोपाई कर दी। पंप से पानी भर दिया था। बारिश न होने के कारण पानी सूख गया, अब दोबारा पानी भरने के लिए पंप की व्यवस्था कर रहे हैं।
-घनश्याम दास
पिछली बार अच्छी बारिश हुई थी। उस आधार पर पांच बीघे खेत धान के लिए बटाई में ले लिया था लेकिन अब बारिश ही नहीं हो रही है। मजबूरी में पंप से पानी लेकर खेतों को सींच रहे हैं।
-राजेश सिंह
हल्की बारिश के ही आसार
जिले में बारिश की संभावना कम है। एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है, फिलहाल अच्छी बारिश के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
अंकुर त्रिपाठी, मौसम वैज्ञानिक
31 सीकेटीपी-20-पंपिंग सेट से खेत में पानी भरकर धान रोपाई करते किसान। संवाद
31 सीकेटीपी-20-पंपिंग सेट से खेत में पानी भरकर धान रोपाई करते किसान। संवाद