बांदा। चित्रकूट धाम मंडल में अब बीमार पशुओं का इलाज कराने के लिए पशु चिकित्सालय जाने की झंझट खत्म होने वाली है। पशुपालक के सिर्फ टोल फ्री नंबर-1962 पर कॉल करने पर चिकित्सकीय टीम उनके घर पहुंच कर इलाज करेगी। शासन ने मंडल के लिए फिलहाल 17 सचल वाहन स्वीकृत किए हैं। प्रति एक लाख पशुओं पर एक सचल वाहन आवंटित किया गया है।
मंडल के चारों जनपदों में 1832 पशु अस्पताल हैं। पशुपालकों को अपने मवेशियों के इलाज के लिए यहां आना होता है। दूरदराज से पशु को लेकर आना काफी मुश्किल होता है। अब शासन ने पशुपालकों को राहत देते हुए उनके घर पर ही इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इसके लिए टोल फ्री नंबर पर (कॉल सेंटर लखनऊ को) कॉल करनी होगी। सचल वाहन में एक संविदा पशु चिकित्सक, एक सहायक व एक चालक मौजूद होंगे। प्रदेश में कुल 520 पशु चिकित्सा सचल वाहन प्रदेश सरकार खरीद रही है। सचल वाहन का आवंटन प्रति एक लाख पशुओं पर एक वाहन के आधार पर होगा। इसके लिए पशुओं की संख्या शासन ने मांगी है।
चित्रकूट धाम मंडल में पशुओं का ब्योरा (गोवंश व महिषवंश)
बांदा 631605
महोबा 286836
चित्रकूट 519428
हमीरपुर 379661
योग- 1817530
पशुओं के इलाज की नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। अगले महीने में मोबाइल चिकित्सालय वाहन यहां आ जाएंगे। वाहनों के आते ही यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। - मनोज कुमार, उप निदेशक पशुपालन
चित्रकूट धाम मंडल, बांदा