बांदा। अवयस्क बच्चों के यौन उत्पीड़न के चर्चित प्रकरण में मुख्य आरोपी निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उसकी पत्नी व सह अभियुक्त दुर्गावती को लंबे अरसे के बाद मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। उधर, सीबीआई के विवेचक ने अदालत में अर्जी देकर अभियुक्त से बरामद यौन उत्पीडन संबंधी वस्तुएं दिखाने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।
मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनु सक्सेना की अदालत में इस चर्चित केस की सुनवाई थी। पति-पत्नी दोनों आरोपी अब जेल से अदालत लाए गए थे। उधर, इसकी जांच कर रही सीबीआई के निरीक्षक/विवेचक प्रदीप कुमार त्रिपाठी भी दिल्ली से आए हुए थे। उन्होंने अदालत में अर्जी दी कि आरोपी रामभवन के कब्जे से जो सामान्य मिला है उसे वह आरोपी के अधिवक्ताओं को नहीं दिखा सकते। अलबत्ता सीबीआई ने इन वस्तुओं की सूची अदालत में पेश की। उसकी एक-एक प्रति आरोपी रामभवन के अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह और दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद को अदालत में उपलब्ध कराई। अगली पेशी में अभियुक्त के अधिवक्ता सीबीआई की अर्जी पर जवाब दाखिल करेंगे।